गोरखपुर में राज्यपाल के कार्यक्रम के दौरान हंगामा: ABVP कार्यकर्ताओं और पुलिस में झड़प, कैंट थाना प्रभारी निलंबित

गोरखपुर में राज्यपाल के कार्यक्रम के दौरान हंगामा: ABVP कार्यकर्ताओं और पुलिस में झड़प, कैंट थाना प्रभारी निलंबित
गोरखपुर: दीनदयाल उपाध्याय (DDU) गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के दौरान मुख्य गेट पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई। मामले में एसएसपी ने कड़ी कार्रवाई करते हुए कैंट थाना प्रभारी (SO) संजय सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
विवाद की मुख्य वजह
एंट्री को लेकर बहस: ABVP के प्रांत संगठन मंत्री पुनीत अग्रवाल को विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने का निमंत्रण मिला था। वे सुबह 11 बजे कार्यक्रम में शामिल भी हुए।
गेट पर रोका गया: बाद में जब उनके अन्य साथी दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया।
पुनीत अग्रवाल की मध्यस्थता: सूचना मिलने पर संगठन मंत्री पुनीत अग्रवाल अपने साथियों को लेने गेट पर पहुंचे। वहां उनकी और कैंट थाना प्रभारी संजय सिंह के बीच तीखी बहस हो गई, जिसने देखते ही देखते उग्र रूप ले लिया।
बढ़ा विवाद, पुलिस पर अभद्रता का आरोप
100 से ज्यादा कार्यकर्ताओं का विरोध: घटना के कुछ ही देर में 100 से अधिक ABVP कार्यकर्ता DDU गेट पर इकट्ठा हो गए और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे।
हाथापाई का आरोप: पुनीत अग्रवाल ने आरोप लगाया कि बहस के दौरान पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और हाथ छोड़ा, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
थाने से लेकर SSP कार्यालय तक प्रदर्शन
सड़क पर पैदल मार्च: आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने यूनिवर्सिटी गेट से कैंट थाने तक जाकर जमकर विरोध जताया। इसके बाद 100 से अधिक कार्यकर्ता पैदल मार्च करते हुए सीधे एसएसपी (SSP) कार्यालय पहुंचे।
SSP से वार्ता और कार्रवाई: एसएसपी डॉ. कौस्तुभ और ABVP कार्यकर्ताओं के बीच लगभग आधे घंटे तक वार्ता चली। कार्यकर्ताओं की शिकायत और मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने कैंट थाना प्रभारी संजय सिंह को निलंबित कर दिया।
ABVP मीडिया प्रमुख का बयान:
“राज्यपाल के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हमारे कुछ कार्यकर्ताओं के पास आधिकारिक निमंत्रण था, इसके बावजूद पुलिस ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए उन्हें रोका और बर्बरता पर उतर आई।”
— शिवम पांडे, प्रांत मीडिया प्रमुख (ABVP)



