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बाल श्रम उन्मूलन के साथ निर्माण श्रमिकों का शत-प्रतिशत पंजीकरण कराएं : डीएम

श्रम बंधु एवं जिला टास्क फोर्स की संयुक्त बैठक में योजनाओं की समीक्षा, निर्माण स्थलों पर विशेष अभियान चलाने के निर्देश

बाल श्रम उन्मूलन के साथ निर्माण श्रमिकों का शत-प्रतिशत पंजीकरण कराएं : डीएम

 

श्रम बंधु एवं जिला टास्क फोर्स की संयुक्त बैठक में योजनाओं की समीक्षा, निर्माण स्थलों पर विशेष अभियान चलाने के निर्देश

 

गाजीपुर, 21 सितंबर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित रायफल क्लब सभागार में जिला श्रम बंधु, जनपद स्तरीय बाल श्रम उन्मूलन समिति तथा बाल एवं बंधुआ श्रमिकों के रेस्क्यू, पुनर्वास एवं अनुश्रवण के लिए गठित जिला टास्क फोर्स की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में श्रमिकों के हितों के संरक्षण, श्रम कानूनों के प्रभावी प्रवर्तन तथा बाल श्रम उन्मूलन को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक में सहायक श्रम आयुक्त ने बताया कि जनपद में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत अब तक 2,40,878 निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण किया जा चुका है। श्रमिक पंजीकरण एवं योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए 117 विशेष शिविर आयोजित किए गए हैं। विभिन्न विकासखंडों में जनजागरूकता के लिए वाल पेंटिंग भी कराई गई है।बैठक में डॉ. भीमराव आंबेडकर श्रमिक सुविधा केंद्र (लेबर अड्डा) के संचालन के लिए भूमि चयन एवं चिह्नांकन पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि करीब 2000 वर्गफीट क्षेत्र में श्रमिकों के लिए सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित स्थान विकसित किया जाना है, जहां उन्हें पेयजल, शौचालय और विश्राम स्थल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।जिलाधिकारी ने श्रम विभाग द्वारा संचालित मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना, कन्या विवाह सहायता योजना, संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना तथा निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने पात्र श्रमिकों को समयबद्ध ढंग से योजनाओं का लाभ दिलाने तथा अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों के आवेदन कराने के निर्देश दिए।डीएम ने सभी निर्माण कार्यदायी संस्थाओं, विभागों और स्थानीय निकायों को निर्देशित किया कि अपने-अपने निर्माण कार्यों का अधिष्ठान पंजीयन अनिवार्य रूप से कराएं तथा नियमानुसार उपकर (सेस) की धनराशि समय से जमा करें। उन्होंने निर्माण स्थलों पर कार्यरत पात्र श्रमिकों का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित कराने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा।बाल श्रम उन्मूलन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को बाल श्रमिकों के चिन्हांकन, रेस्क्यू, पुनर्वास और विद्यालयों में प्रवेश सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से प्रभावी कार्रवाई करें और नियमित निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान चलाते रहें।बैठक में श्रम संहिताओं के संबंध में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि श्रम कानूनों को सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय श्रम कानूनों को चार प्रमुख श्रम संहिताओं में समाहित किया गया है। जिलाधिकारी ने इन प्रावधानों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए।बैठक में सभी खंड विकास अधिकारी, विभिन्न निर्माण कार्यदायी संस्थाओं एवं विभागों के प्रतिनिधि, नगर पालिका परिषद व नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी तथा श्रम विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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