
छठ पर्व को लेकर प्रशासन अलर्ट, घाटों पर बैरिकेडिंग और फ्लोटिंग बैरियर लगाने के निर्देश
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने नाविकों के साथ की बैठक, गोताखोरों के नाम-मोबाइल नंबर प्रदर्शित करने और गहरे पानी वाले स्थानों को चिह्नित करने के दिए निर्देश
गाजीपुर, 31 अक्टूबर 2026।आगामी छठ पर्व के मद्देनजर श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं नदियों और तालाबों में डूबने की घटनाओं पर प्रभावी रोकथाम के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शनिवार को जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में नाविकों के साथ बैठक आयोजित की गई। इसमें छठ घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, बैरिकेडिंग तथा संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के सभी छठ घाटों, नदी घाटों एवं तालाबों का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लें। उन्होंने विशेष रूप से श्मशान घाट, कलेक्टर घाट, पोस्ता घाट और ददरी घाट सहित उन स्थानों पर पहले से आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा, जहां छठ पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ जुटने की संभावना रहती है।जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि संवेदनशील घाटों पर समय रहते बैरिकेडिंग के साथ फ्लोटिंग बैरियर लगाए जाएं, ताकि श्रद्धालु निर्धारित सुरक्षित सीमा से आगे न जा सकें। छठ पर्व के दौरान तालाबों के आसपास भी बैरिकेडिंग कराई जाए। इसके साथ ही पानी के गहरे स्थानों को चिह्नित कर वहां चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। बोर्ड पर संबंधित स्थान की गहराई और सुरक्षित दूरी की जानकारी स्पष्ट रूप से अंकित कराई जाए, जिससे श्रद्धालु सतर्क रह सकें।उन्होंने कहा कि प्रत्येक घाट पर तैनात गोताखोरों के नाम और मोबाइल नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल उनसे संपर्क किया जा सके। गोताखोरों के साथ पुलिसकर्मियों एवं लेखपालों की ड्यूटी भी पहले से निर्धारित कर दी जाए, जिससे सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।रात्रि के समय घाटों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि छठ पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय बनाकर समय रहते आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर लें, ताकि पर्व शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सके।



