अमरमणि की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता से सहमे मधुमिता व सारा के परिजन: CM योगी से लगाई सुरक्षा की गुहार; अगले महीने आएगी ‘मेरी बहन का कत्ल’ पुस्तक

अमरमणि की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता से सहमे मधुमिता व सारा के परिजन: CM योगी से लगाई सुरक्षा की गुहार; अगले महीने आएगी ‘मेरी बहन का कत्ल’ पुस्तक
लखनऊ में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व मंत्री और मधुमिता शुक्ला हत्याकांड के मुख्य दोषी अमरमणि त्रिपाठी की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता पर पीड़ित परिवारों ने गहरा डर और रोष व्यक्त किया है।
कवयित्री स्वर्गीय मधुमिता शुक्ला की बहन निधि शुक्ला और अमरमणि के बेटे अमनमणि त्रिपाठी की दिवंगत पत्नी सारा सिंह की मां सीमा सिंह ने संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है।
प्रमुख बिंदु:
राजनीतिक गतिविधियों पर आपत्ति: निधि शुक्ला और सीमा सिंह ने आरोप लगाया कि हाल ही में नौतनवा विधानसभा क्षेत्र में अमरमणि और उनके बेटे अमनमणि के समर्थन में आयोजित एक राजनीतिक कार्यक्रम में “अमरमणि-अमनमणि जिंदाबाद” के नारे लगाए गए। भाजपा में अमरमणि के बढ़ते प्रभाव से पीड़ित परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
पुस्तक ‘मेरी बहन का कत्ल’ का विमोचन जल्द: निधि शुक्ला ने घोषणा की कि वे अगले महीने ‘मेरी बहन का कत्ल’ शीर्षक से एक पुस्तक प्रकाशित और विमोचित करने जा रही हैं। इस पुस्तक में 2003 के मधुमिता हत्याकांड से जुड़े ऑन-रिकॉर्ड व ऑफ-रिकॉर्ड तथ्यों और अब तक अप्रकाशित जानकारियों का संकलन किया गया है।
मीडिया के सहयोग की सराहना: निधि ने कहा कि 2003 से जारी इस लड़ाई में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है, जिसके सहयोग से ही वे भय और दबाव के माहौल में लगातार न्याय की लड़ाई लड़ सकी हैं।
’माफिया-मुक्त पूर्वांचल’ का दिया हवाला: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के “पूर्वांचल को मच्छर और माफिया मुक्त बनाने” के संकल्प को याद दिलाते हुए पीड़ित परिवारों ने मांग की कि किसी भी माफिया को राजनीतिक संरक्षण न दिया जाए और उन्हें उचित सुरक्षा प्रदान की जाए।
हत्याकांड (9 मई 2003): राष्ट्रीय कवयित्री मधुमिता शुक्ला की लखनऊ स्थित आवास पर हत्या कर दी गई थी।
जांच एवं फैसला: सीबीआई जांच के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मुकदमा उत्तराखंड स्थानांतरित हुआ, जहां देहरादून अदालत, नैनीताल हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने अमरमणि त्रिपाठी तथा मधुमणि त्रिपाठी सहित अन्य दोषियों की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी।
वर्तमान स्थिति: हाल में अमरमणि की रिहाई और सार्वजनिक/राजनीतिक कार्यक्रमों में वापसी के चलते पीड़ित परिवारों में पुनः असुरक्षा की भावना पैदा हो गई है।



