जखनियां (गाजीपुर) : अलीपुर मदंरा में 24 अगस्त को लगेगी सिविल जज की मोबाइल कोर्ट

अलीपुर मदंरा में 24 अगस्त को लगेगी सिविल जज की मोबाइल कोर्ट
उच्च न्यायालय के निर्देश पर ग्रामीणों को गांव में ही न्यायिक सुविधा उपलब्ध कराने की पहल
जखनियां (गाजीपुर)। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को स्थानीय स्तर पर त्वरित एवं सुलभ न्यायिक सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 24 अगस्त 2026 को ग्राम अलीपुर मदंरा स्थित ग्राम सचिवालय में सिविल न्यायालय की सचल (मोबाइल) कोर्ट आयोजित की जाएगी। इस दौरान ग्रामीणों को अपने वाद-विवाद एवं न्यायिक मामलों के संबंध में अपना पक्ष रखने तथा न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ी सुविधा गांव में ही प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।ग्राम न्यायालय जखनियां के न्यायाधिकारी अमित कुमार यादव चतुर्थ की मौजूदगी में मोबाइल कोर्ट की कार्यवाही संपन्न होगी। कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी जखनियां अतुल कुमार की भी उपस्थिति रहेगी। मोबाइल कोर्ट के आयोजन को लेकर संबंधित स्तर पर तैयारियां पूरी की जा रही हैं।बताते चलें कि माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा 2 मई 2025 को जारी निर्देशों के अनुपालन में ग्राम न्यायालयों के माध्यम से सिविल न्यायालय की सचल मोबाइल कोर्ट आयोजित किए जाने की व्यवस्था की गई है। इसी क्रम में ग्राम अलीपुर मदंरा, थाना भुड़कुड़ा, तहसील जखनियां, जनपद गाजीपुर में 24 अगस्त को मोबाइल कोर्ट का आयोजन किया जा रहा है।मोबाइल कोर्ट का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को न्यायालय तक आने-जाने में होने वाली असुविधा को कम करना तथा स्थानीय स्तर पर न्यायिक सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से संबंधित वादों की सुनवाई और न्यायिक प्रक्रिया को गांव के नजदीक लाने का प्रयास किया जाएगा। इससे ग्रामीणों को अपने मामलों में पैरवी करने के लिए बार-बार दूर स्थित न्यायालयों का चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है।ग्रामीणों से अपील की गई है कि ग्राम पंचायत अलीपुर मदंरा एवं आसपास के क्षेत्रों के जिन लोगों के वाद-विवाद अथवा न्यायिक मामले ग्राम न्यायालय से संबंधित हैं, वे निर्धारित तिथि पर ग्राम सचिवालय पहुंचकर मोबाइल कोर्ट की कार्यवाही में भाग लें और आवश्यक अभिलेखों के साथ अपना पक्ष प्रस्तुत करें। संबंधित लोगों से समय पर उपस्थित होकर इस सुविधा का लाभ उठाने की अपील की गई है।मोबाइल कोर्ट के आयोजन से ग्रामीणों में न्यायिक सुविधा को लेकर जागरूकता बढ़ने के साथ ही लंबित मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया को भी गति मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों का प्रयास है कि ग्रामीणों को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए न्यायिक व्यवस्था का लाभ स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध कराया जा सके।



