गोरखपुर जोन में लागू हुई ऑटोमैटिक ड्यूटी मैनेजमेंट सिस्टम

गोरखपुर जोन में लागू हुई ऑटोमैटिक ड्यूटी मैनेजमेंट सिस्टम
डीजी/एडीजी मुथा अशोक जैन बोले– अब सॉफ्टवेयर से पारदर्शी और आसान होगी ड्यूटी व्यवस्था
गोरखपुर। पुलिस विभाग में ड्यूटी आवंटन की पारंपरिक प्रक्रिया को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। डीजी/एडीजी जोन मुथा अशोक जैन ने अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि ‘ऑटोमैटिक ड्यूटी मैनेजमेंट सिस्टम’ को पूरे गोरखपुर जोन में लागू कर दिया गया है। इस नई प्रणाली के जरिए अब पुलिस कर्मियों की ड्यूटी सॉफ्टवेयर के माध्यम से स्वतः निर्धारित होगी, जिससे पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित होगी।
डीजी/एडीजी ने बताया कि इस प्रणाली की शुरुआत जनपद बलरामपुर से हुई थी, जहां एसपी बलरामपुर विकास कुमार की तकनीकी पहल पर इसे प्रयोग के तौर पर लागू किया गया। वहां इसकी सफलता के बाद अब इसे पूरे जोन के सभी जनपदों में लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह सिस्टम पुलिस विभाग के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नई व्यवस्था के तहत यदि कोई पुलिसकर्मी अवकाश पर जाता है तो उसकी जानकारी सॉफ्टवेयर में अपडेट कर दी जाएगी, जिससे उसकी ड्यूटी स्वतः हट जाएगी। छुट्टी से लौटने के बाद संबंधित कर्मचारी की ड्यूटी फिर से सॉफ्टवेयर के माध्यम से लगनी शुरू हो जाएगी। इससे मैन्युअल हस्तक्षेप कम होगा और ड्यूटी आवंटन में किसी प्रकार की गड़बड़ी या पक्षपात की संभावना समाप्त हो जाएगी।
डीजी/एडीजी ने यह भी बताया कि इस सिस्टम के संचालन और मॉनिटरिंग के लिए दो कर्मियों को विशेष रूप से तैनात किया जाएगा, जो इसकी निगरानी करेंगे। इसके माध्यम से यह भी आसानी से पता लगाया जा सकेगा कि किस जनपद में कितने जवान किस स्थान और किस ड्यूटी पर तैनात हैं।
उन्होंने कहा कि यदि इस ऑटोमैटिक ड्यूटी सिस्टम को पूरे प्रदेश में लागू किया जाता है, तो पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और अधिक सरल, प्रभावी और पारदर्शी हो जाएगी। डीजी/एडीजी मुथा अशोक जैन ने इस पहल के लिए एसपी बलरामपुर विकास कुमार की सराहना करते हुए कहा कि उनकी तकनीकी सोच और प्रयास से यह प्रणाली विकसित हो सकी है, जो भविष्य में पूरे प्रदेश के लिए एक मॉडल बन सकती है।
पुलिस विभाग के इस नवाचार से न केवल ड्यूटी आवंटन की प्रक्रिया आसान होगी, बल्कि समय की बचत के साथ-साथ कर्मियों के बीच संतुलन और निष्पक्षता भी बनी रहेगी।



