कासिमाबाद सीएचसी पर शुरू हुई सिजेरियन डिलीवरी की सुविधा ,दो दिनों में दो महिलाओं का ऑपरेशन से कराया गया प्रसव, जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ

कासिमाबाद सीएचसी पर शुरू हुई सिजेरियन डिलीवरी की सुविधा ,दो दिनों में दो महिलाओं का ऑपरेशन से कराया गया प्रसव, जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ
गाजीपुर, 16 सितंबर। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्रथम संदर्भन इकाई (एफआरयू) स्तर पर भी ऑपरेशन के जरिये प्रसव की सुविधा शुरू की है। प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामकुमार की पहल पर कासिमाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सिजेरियन डिलीवरी की सुविधा पुनः शुरू कर दी गई है। विगत दो दिनों में कासिमाबाद एफआरयू पर दो महिलाओं का सिजेरियन ऑपरेशन द्वारा प्रसव कराया जा चुका है।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मुसल्लहपुर निवासी नीलम देवी ने सिजेरियन के माध्यम से बेटी को जन्म दिया, जबकि सलामतपुर निवासी शालिनी कुशवाहा का भी ऑपरेशन द्वारा प्रसव कराया गया। सीएमओ के निरीक्षण के दौरान दोनों जच्चा-बच्चा स्वस्थ पाए गए।प्रभारी सीएमओ डॉ. रामकुमार ने बताया कि सर्जन के तबादले के कारण पिछले कई महीनों से सीएचसी कासिमाबाद पर केवल सामान्य प्रसव ही कराए जा रहे थे। आपात स्थिति में सिजेरियन डिलीवरी के लिए गर्भवती महिलाओं को निजी अस्पतालों अथवा अन्य जनपदों में जाना पड़ता था। कई मामलों में उन्हें गाजीपुर मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल रेफर करना पड़ता था, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता था।उन्होंने बताया कि जनपद में जिला अस्पताल के अलावा सीएचसी सैदपुर, मुहम्मदाबाद, जखनिया, भदौरा, कासिमाबाद और बरुइन में भी सिजेरियन डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध है। एफआरयू केंद्रों पर डॉक्टरों की अलग-अलग दिनों में अलग-अलग स्थानों पर सेवाएं देने की व्यवस्था की गई है, ताकि जरूरतमंद महिलाओं को समय पर उपचार मिल सके।डॉ. रामकुमार ने कहा कि सीएचसी एवं एफआरयू स्तर पर ऑपरेशन द्वारा प्रसव की सुविधा शुरू होने से गर्भवती महिलाओं को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। साथ ही, आपात स्थिति में मरीजों को दूर के अस्पतालों में ले जाने की आवश्यकता कम होगी और एंबुलेंस 108 सेवा पर भी दबाव घटेगा।



