गाजीपुर : न्यायालय परिसर में सुरक्षा का परखा गया इंतजाम, संदिग्ध वस्तु मिलने की सूचना पर मॉक ड्रिल

न्यायालय परिसर में सुरक्षा का परखा गया इंतजाम, संदिग्ध वस्तु मिलने की सूचना पर मॉक

गाजीपुर, 27 अगस्त। न्यायालय परिसर जैसे संवेदनशील स्थल की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को गाजीपुर न्यायालय परिसर में पुलिस, पीएसी, फायर सर्विस, एलआईयू सहित विभिन्न सुरक्षा इकाइयों ने व्यापक मॉक ड्रिल किया। अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉ. राकेश कुमार मिश्र के निर्देशन में आयोजित इस अभ्यास के दौरान सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया और आपसी समन्वय को परखा गया।मॉक ड्रिल के दौरान न्यायालय परिसर में एक संदिग्ध वस्तु मिलने की काल्पनिक सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीमों ने तत्काल सक्रिय होकर परिसर की घेराबंदी की और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए आमजन को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभ्यास किया। इस दौरान यह भी देखा गया कि आपात स्थिति में विभिन्न सुरक्षा इकाइयां कितनी तेजी और समन्वित तरीके से कार्रवाई करती हैं।अभ्यास के तहत एलआईयू, डॉग स्क्वॉड एवं एंटी सैबोटॉज चेक टीम ने अत्याधुनिक उपकरणों के साथ न्यायालय परिसर के संवेदनशील क्षेत्रों, संदिग्ध वस्तुओं एवं छिपे हुए स्थानों की गहन जांच और तलाशी ली। वहीं स्वाट टीम ने संवेदनशील क्षेत्रों में त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए खोजी अभियान एवं सुरक्षा प्रबंधन की कार्रवाई का अभ्यास किया।मॉक ड्रिल में अग्निशमन विभाग की टीम ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम ने आग अथवा अन्य आपदा की स्थिति में बचाव एवं राहत कार्यों का प्रदर्शन करते हुए आवश्यक उपकरणों के संचालन का अभ्यास किया। पूरे अभ्यास के दौरान विभिन्न टीमों के बीच समन्वय, सूचना के आदान-प्रदान तथा त्वरित निर्णय लेने की क्षमता का परीक्षण किया गया।अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉ. राकेश कुमार मिश्र ने कहा कि न्यायालय परिसर जैसे संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। समय-समय पर इस प्रकार की मॉक ड्रिल आयोजित करने का उद्देश्य सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया क्षमता को प्रभावी बनाना, विभिन्न इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना तथा किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने की तैयारियों को परखना है।उन्होंने कहा कि इस तरह के अभ्यास से वास्तविक आपात स्थिति में कम से कम समय में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने में मदद मिलती है और सुरक्षा व्यवस्था की कमियों को चिन्हित कर उनमें आवश्यक सुधार किया जा सकता है।मॉक ड्रिल के दौरान क्षेत्राधिकारी नगर, मुख्य अग्निशमन अधिकारी गाजीपुर, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली, प्रभारी न्यायालय सुरक्षा समेत पुलिस एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।



