
एनएच-124डी के किनारे मिला नवजात शिशु, सुबह टहलने निकली महिलाओं ने बचाई जान
चौजा खास गांव की महिलाओं ने बच्चे के रोने की आवाज सुनकर दी पुलिस को सूचना, डायल 112 की मदद से सीएचसी जखनियां पहुंचाया गया; प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए गाजीपुर रेफर

जखनियां (गाजीपुर)। जखनियां विकासखंड के ग्राम सभा चौजा खास के पास सोमवार की सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब एनएच-124डी पर पर बने टोल प्लाजा से करीब 500 मीटर आगे सड़क किनारे एक नवजात शिशु लावारिस हालत में मिला। सुबह टहलने निकली महिलाओं ने बच्चे के रोने की आवाज सुनी तो मौके पर पहुंचकर देखा कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा नवजात शिशु को सड़क किनारे छोड़ दिया गया है। इस घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया।जानकारी के अनुसार, ग्राम सभा चौजा खास की कुछ महिलाएं सोमवार की सुबह करीब पांच बजे टहलने के लिए निकली थीं। इसी दौरान हाईवे के किनारे से उन्हें बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज की दिशा में पहुंचने पर महिलाओं ने देखा कि एक नवजात शिशु सड़क किनारे पड़ा हुआ रो रहा है। यह दृश्य देखकर महिलाएं तत्काल बच्चे की मदद के लिए आगे आईं। उन्होंने बिना देर किए डायल 112 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी और गांव के अन्य लोगों को भी घटना से अवगत कराया।नवजात शिशु को सबसे पहले देखने वाली महिलाओं में सरोज देवी पत्नी अच्छेलाल भारती तथा बिंदु भारती पत्नी वजीर भारती शामिल रहीं। सूचना मिलने पर ग्राम प्रधान सुनील कुमार उर्फ गुड्डू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। कुछ ही देर में डायल 112 की पुलिस टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और नवजात शिशु को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जखनियां ले जाया गया।सीएचसी जखनियां में चिकित्सकों ने नवजात शिशु का प्राथमिक परीक्षण एवं उपचार किया। चिकित्सकों के अनुसार बच्चे की तबीयत फिलहाल ठीक बताई गई, लेकिन बेहतर स्वास्थ्य देखभाल और आवश्यक उपचार के लिए उसे जिला अस्पताल गाजीपुर रेफर कर दिया गया। इस दौरान कोतवाली भुड़कुड़ा पुलिस भी मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी जुटाने में लगी रही।एनएच-124डी जैसे व्यस्त मार्ग के किनारे नवजात शिशु मिलने की घटना से पूरे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। आखिर किन परिस्थितियों में और किसके द्वारा नवजात को इस तरह सड़क किनारे छोड़ा गया, यह सवाल ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। घटना ने एक ओर जहां लोगों को झकझोर दिया, वहीं दूसरी ओर समय रहते महिलाओं की नजर पड़ जाने से बच्चे को तत्काल चिकित्सकीय सहायता मिल सकी।मौके पर वजीर भारती, अच्छेलाल भारती, संतलाल भारती सहित ग्राम सभा की तमाम महिलाएं एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने नवजात को समय रहते देखे जाने और अस्पताल पहुंचाए जाने पर राहत जताई। अब सभी की निगाहें पुलिस की जांच पर टिकी हैं, ताकि बच्चे को इस हालत में छोड़ने के पीछे की परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।



