
उद्यमियों की समस्याओं के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: डीएम
जिला उद्योग बन्धु की बैठक में सड़क, जलनिकासी, बिजली और निवेश संबंधी मामलों की हुई समीक्षा, लंबित निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराने के निर्देश
गाजीपुर, 31 अक्टूबर 2026। जनपद में औद्योगिक विकास को गति देने और निवेशकों एवं उद्यमियों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार को राइफल क्लब सभागार में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में जिला उद्योग बन्धु की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों की बुनियादी सुविधाओं, निवेश से जुड़े प्रस्तावों तथा उद्यमियों की लंबित समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को सभी मामलों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में निवेश मित्र पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क निर्माण, नालियों की व्यवस्था, जल निकासी, ग्रामीण सड़कों के निर्माण, भूमि पैमाइश तथा विद्युत बिल एवं स्मार्ट मीटर से संबंधित समस्याओं पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उद्यमियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए उनका समाधान कराया जाए, जिससे औद्योगिक गतिविधियों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।रजदेपुर, अंधऊ बाईपास एवं दुबे मोड़ क्षेत्र में सड़क की खराब स्थिति और जलभराव की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने इन क्षेत्रों में लंबित निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा कराने तथा जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया।बैठक में धान क्रय केंद्रों एवं राइस मिलों की संबद्धता, बैंक गारंटी के सत्यापन तथा विद्युत आपूर्ति से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से राइस मिलों में स्थापित मशीनों की क्षमता, विद्युत लोड तथा क्रय केंद्रों से उनकी संबद्धता की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने धान खरीद व्यवस्था से जुड़े सभी प्रकरणों में आवश्यक औपचारिकताएं समय से पूरी कराने के निर्देश दिए।इसके अतिरिक्त औद्योगिक भूखंड पर परियोजना परिवर्तन की अनुमति तथा एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के अंतर्गत वस्त्रोद्योग को शामिल किए जाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में स्थानीय संसाधनों और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए नए निवेश प्रस्तावों को प्रोत्साहित करना आवश्यक है।उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि उद्यमियों एवं निवेशकों की समस्याओं का अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ निवेश संबंधी प्रक्रियाओं को सरल और प्रभावी बनाया जाए, ताकि जनपद में उद्योगों को बढ़ावा मिले और रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें।



