Breaking Newsभारत

जिगर के टुकड़े की सांसें बचाने की जंग/बेबस पिता की मार्मिक गुहार

जिगर के टुकड़े की सांसें बचाने की जंग/बेबस पिता की मार्मिक गुहार

 

एक पिता की बेबसी उसकी आंखों में तैरता डर और अपने जिगर के टुकड़े को बचाने की जिद जी हा ये कहानी किसी फिल्म की नहीं बल्कि गोरखपुर के बांसगांव थाना क्षेत्र के रहने वाले आलोक कुमार सिंह की हकीकत है।

महज साढ़े चार महीने का मासूम बच्चा जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। उसे एक बेहद दुर्लभ और गंभीर बीमारी स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) ने जकड़ लिया है।ऐसी बीमारी जिसका नाम भी बहुत कम लोगों ने सुना होगा। लेकिन इस बीमारी का इलाज जितना दुर्लभ है उतना ही महंगा भी।

आलोक कुमार सिंह अपने बच्चे की सांसें बचाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। उन्होंने बांसगांव के सांसद से लेकर विधायक तक यहां तक कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्र सरकार के कई बड़े मंत्रियों से भी गुहार लगाई। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद इलाज के लिए जरूरी रकम अब तक नहीं जुट पाई।

इस बीमारी के इलाज के लिए सिर्फ एक ही इंजेक्शन आता है और उसकी कीमत सुनकर किसी के भी होश उड़ जाएं,करीब 10 करोड़ रुपये। डॉक्टरों के मुताबिक यह इंजेक्शन लगने के बाद बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है। लेकिन इतनी बड़ी रकम जुटाना एक आम परिवार के लिए लगभग असंभव है।
गुरुवार को गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब में यह पिता की आवाज कांप रही थी लेकिन उम्मीद अभी भी जिंदा थी। उसने कहा,अगर 90 हजार लोग सिर्फ 1000 रुपये भी दे दें तो मेरे बच्चे की जान बच सकती है। लेकिन मैं कोई सेलिब्रिटी नहीं हूं, मुझे इतने लोग जानते भी नहीं इसलिए मैं मीडिया के जरिए सब तक अपनी बात पहुंचाना चाहता हूं।

एक पिता की यह पुकार सिर्फ मदद की अपील नहीं, बल्कि समाज से एक उम्मीद है कि शायद किसी का छोटा सा सहयोग एक मासूम की जिंदगी बचा सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button