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शिवकरन पर गैंगस्टर की कार्रवाई को बताया फर्जी, मुख्यमंत्री से मुकदमा वापस लेने की मांग

पुलिस पर धन-प्रभाव में कार्रवाई करने का आरोप, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच की मांग

शिवकरन पर गैंगस्टर की कार्रवाई को बताया फर्जी, मुख्यमंत्री से मुकदमा वापस लेने की मांग

 

पुलिस पर धन-प्रभाव में कार्रवाई करने का आरोप, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच की मांग

जखनियां/बहरियाबाद, गाजीपुर। थाना बहरियाबाद क्षेत्र के ग्राम पलिवार निवासी शिवकरन के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर इसे फर्जी एवं गलत बताते हुए मुकदमा वापस लेने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता की ओर से 23 सितंबर 2026 को भेजे गए पत्र में पुलिस पर विपक्षी पक्ष के प्रभाव में काम करने तथा दलित एवं भूमिहीन व्यक्ति को फर्जी मुकदमों में फंसाकर जेल भेजने का आरोप लगाया गया है।शिकायती पत्र में कहा गया है कि शिवकरन भूमिहीन हैं और मेहनत-मजदूरी कर जीवनयापन करते हैं। पत्र में उन्हें अनुसूचित जाति से संबंधित तथा सीपीएम का सदस्य एवं समर्थक बताया गया है। आरोप है कि 22 सितंबर की रात करीब 9:10 बजे थाना बहरियाबाद पुलिस शिवकरन को गिरफ्तार कर थाने ले गई और पूछताछ के दौरान गैंगस्टर एक्ट में जेल भेजने की बात कही गई।शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विपक्षी पक्ष के लोगों द्वारा पूर्व में शिवकरन के साथ मारपीट एवं जान से मारने की धमकी दी गई। आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में एक व्यक्ति द्वारा उनकी गर्दन पर पिस्टल लगाकर जान से मारने की धमकी दी गई तथा फायरिंग भी की गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि पुलिस ने मौके से खोखा बरामद किया, लेकिन प्रभावशाली लोगों के पक्ष में कार्रवाई करते हुए मामले को मामूली धाराओं में सीमित कर दिया गया।शिकायती पत्र में आगे आरोप लगाया गया है कि बाद में चंद्रशेखर और उनके विपक्षी के बीच हुई मारपीट की घटना में शिवकरन को भी आरोपी बना दिया गया, जबकि वह कथित घटना में मौजूद नहीं थे। शिकायतकर्ता के अनुसार प्रथम सूचना रिपोर्ट में भी उनका नाम नहीं था। इसके बावजूद पुलिस ने कथित रूप से मनगढ़ंत कहानी के आधार पर विभिन्न धाराओं में कार्रवाई कर उन्हें जेल भेज दिया और अब उसी आधार पर गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की जा रही है।शिकायत में कहा गया है कि फर्जी एवं पूरी तरह गलत गैंगस्टर मुकदमे में शिवकरन के खिलाफ की जा रही कार्रवाई वापस ली जाए। साथ ही ग्राम प्रधान एवं अन्य आरोपित प्रभावशाली लोगों के धन-प्रभाव में आकर दलित एवं भूमिहीन व्यक्ति को जेल भेजने के मामले में दोषी पुलिसकर्मियों की निष्पक्ष जांच कराकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।शिकायतकर्ता की ओर से मुख्यमंत्री से पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने तथा शिवकरन को राहत प्रदान करने की मांग की गई है।शिकायत पत्र का. बी. बी. सिंह, सीपीएम, जखनियां, गाजीपुर की ओर से भेजा गया है। पत्र में संपर्क के लिए मोबाइल नंबर भी अंकित है। पत्र स्पीड पोस्ट के माध्यम से लखनऊ भेजे जाने की जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है।

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