MMMUT दीक्षांत समारोह: 60% छात्राओं ने मारी बाज़ी, राज्यपाल बोलीं— ‘विकसित भारत’ के निर्माण में बेटियाँ निभाएँगी निर्णायक भूमिका

MMMUT दीक्षांत समारोह: 60% छात्राओं ने मारी बाज़ी, राज्यपाल बोलीं— ‘विकसित भारत’ के निर्माण में बेटियाँ निभाएँगी निर्णायक भूमिका
गोरखपुर: मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) के 11वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने शिक्षा के वास्तविक उद्देश्य पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा का लक्ष्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि उत्तरदायी और सुसंस्कृत नागरिक तैयार करना है।
मुख्य आकर्षण एवं मुख्य बिंदु:
महिला सशक्तिकरण का बेहतरीन उदाहरण: इस वर्ष विश्वविद्यालय से उपाधि प्राप्त करने वाले कुल विद्यार्थियों में 60% छात्राएँ हैं। राज्यपाल ने इसे महिला सशक्तिकरण की एक बेहद सकारात्मक और प्रेरणादायक तस्वीर बताया।
नैतिक मूल्य और कौशल पर बल: उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान का उपयोग समाज और राष्ट्र के हित में करें। बेटियों को शिक्षा के साथ-साथ कौशल, आत्मनिर्भरता और नैतिक मूल्यों को भी अपनाना चाहिए।
निर्माण एवं सुविधाओं की समीक्षा: राज्यपाल ने उत्तर प्रदेश के सभी तकनीकी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया कि वे आपस में बैठक कर भवनों की डिज़ाइन तैयार करें। साथ ही, परिसर की सुविधाओं और आवश्यकताओं की समीक्षा के लिए 5-सदस्यीय समिति गठित करने का सुझाव दिया, जिसमें विद्यार्थियों को भी शामिल किया जाए।
नशा-मुक्ति अभियान और साफ़-सफ़ाई पर कड़ा रुख: साफ़-सफ़ाई और नशा-मुक्ति के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए राज्यपाल ने कहा कि हॉस्टलों के कूड़ेदान इस बात के गवाह हैं कि जमीनी स्तर पर नशा-मुक्त युवा अभियान के विपरीत काम हो रहा है, जिस पर तुरंत ध्यान देने और सुधार करने की सख्त ज़रूरत है।



