मायावती का सरकार पर बड़ा हमला: बोलीं— “छात्र व युवा आंदोलनों से दूरी बनाएं राजनीतिक दल, चुनावी स्वार्थ के लिए न करें इस्तेमाल

मायावती का सरकार पर बड़ा हमला: बोलीं— “छात्र व युवा आंदोलनों से दूरी बनाएं राजनीतिक दल, चुनावी स्वार्थ के लिए न करें इस्तेमाल
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने केंद्र और राज्य सरकारों पर युवाओं के रोजगार के मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने देश भर के छात्रों और ‘जेन-जी’ (Gen-Z) से अपील की है कि वे सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों की राजनीतिक साजिशों से सावधान रहें।
खबर के प्रमुख बिंदु:
आंदोलनों के हाइजैक का आरोप: मायावती ने दावा किया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र-युवा आंदोलन को कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने भुनाने की कोशिश की, जबकि झारखंड की राजधानी रांची में जारी प्रदर्शनों में भाजपा और उसके सहयोगी चुनावी लाभ ढूंढ रहे हैं।
चुनावी स्वार्थ की राजनीति: उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दल युवाओं की असली समस्याओं का स्थाई समाधान निकालने के बजाय केवल अपने चुनावी हित साध रहे हैं।
मायावती की सलाह: युवाओं और छात्रों को सलाह दी गई कि वे अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए राजनीतिक दलों का इस्तेमाल बेहद सतर्कता और सावधानी से करें, न कि उनके हाथों का खिलौना बनें।
आरक्षण और रोजगार का मुद्दा: बसपा प्रमुख ने अपनी पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल को याद दिलाते हुए कहा कि उनके शासन में सरकारी भर्तियों से रोक हटाकर लाखों नौकरियां दी गईं और नए पद सृजित किए गए। इसके साथ ही उन्होंने निजी क्षेत्र में भी दलितों, आदिवासियों और पिछड़े वर्गों को आरक्षण दिए जाने की मांग को प्रमुखता से दोहराया।



