मां की आंखों के आंसू बने पुलिस की चुनौती, चौकी इंचार्ज योगेंद्र पांडेय ने 30 मिनट में ढूंढ निकाला 4 साल का मासूम

मां की आंखों के आंसू बने पुलिस की चुनौती, चौकी इंचार्ज योगेंद्र पांडेय ने 30 मिनट में ढूंढ निकाला 4 साल का मासूम
राजघाट पुलिस की संवेदनशीलता आई काम, पांडेयहाता चौकी प्रभारी ने टीम के साथ त्वरित कार्रवाई कर सकुशल परिजनों से मिलवाया मासूम
गोरखपुर। घर के बाहर खेलते-खेलते अचानक लापता हुए चार वर्षीय मासूम के गायब होने से परिवार में कोहराम मच गया। मां-बाप की आंखों में आंसू और चेहरे पर बेबसी साफ दिखाई दे रही थी। सूचना मिलते ही पांडेयहाता चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक योगेंद्र पांडेय ने इसे महज गुमशुदगी का मामला नहीं, बल्कि एक परिवार की सबसे बड़ी चिंता मानते हुए तत्काल पुलिस टीम को सक्रिय कर दिया।
पुलिस अधीक्षक नगर निमिष पाटिल के निर्देशन, क्षेत्राधिकारी कोतवाली ओंकार दत्त तिवारी के पर्यवेक्षण तथा थाना प्रभारी राजघाट गौरव वर्मा के नेतृत्व में चौकी प्रभारी योगेंद्र पांडेय ने बिना समय गंवाए संभावित स्थानों पर सघन तलाश अभियान शुरू कराया। क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई और स्थानीय लोगों से लगातार जानकारी जुटाई गई।
पुलिस की तेज और सुनियोजित कार्रवाई रंग लाई। महज 30 मिनट के भीतर मासूम को सकुशल खोज लिया गया। जैसे ही बच्चे को उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया, परिवार की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। परिजनों ने पुलिस टीम, विशेषकर चौकी प्रभारी योगेंद्र पांडेय की त्वरित कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता के लिए आभार व्यक्त किया।
इस अभियान में उपनिरीक्षक शादाब, महिला उपनिरीक्षक प्रगति यादव, आरक्षी सुनील यादव, आरक्षी त्रिभुवन और आरक्षी राघवेन्द्र ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। पुलिस की इस तत्परता ने एक बार फिर साबित किया कि समय पर की गई कार्रवाई किसी परिवार की खुशियां लौटाने का सबसे बड़ा माध्यम बन सकती है।



