मनिहारी (गाजीपुर) : संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं वर्ष जयंती पर निकली भव्य कलश वंदन यात्रा, समरसता संकल्प अभियान दिवस के रूप में मनाया गया आयोजन

संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं वर्ष जयंती पर निकली भव्य कलश वंदन यात्रा, समरसता संकल्प अभियान दिवस के रूप में मनाया गया आयोजन

मनिहारी (गाजीपुर)। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं वर्ष जयंती के पावन अवसर पर भारतीय जनता पार्टी मंडल मनिहारी प्रथम द्वारा “रविदास जी जन्म जयंती समरसता संकल्प अभियान दिवस” के रूप में भव्य कलश वंदन यात्रा का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय जनता पार्टी मंडल मनिहारी प्रथम के मंडल अध्यक्ष श्री प्रदीप कुमार सिंह के नेतृत्व में ग्रामसभा जबरापार स्थित भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पूजन-अर्चन से हुआ। इसके पश्चात यात्रा परेवा स्थित राम आजाद बाबा मंदिर पहुँची, जहाँ श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की गई। आगे सरायसदकर में डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर सामाजिक समरसता एवं समानता का संदेश दिया गया। यात्रा का समापन सेमरा स्थित हनुमान मंदिर में विधिवत पूजन-अर्चन के साथ हुआ।इस अवसर पर उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं ने संत गुरु रविदास जी के बताए सत्य, समानता, समरसता और मानवता के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। मंडल अध्यक्ष प्रदीप सिंह ने कहा कि संत गुरु रविदास जी का जीवन समाज में भेदभाव मिटाकर प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता स्थापित करने की प्रेरणा देता है। भारतीय जनता पार्टी समाज के अंतिम व्यक्ति तक सम्मान, समान अवसर और सामाजिक न्याय के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं क्षेत्र के सम्मानित नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने तथा सामाजिक समरसता को और अधिक सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी गाजीपुर के जिला उपाध्यक्ष राजेश सोनकर, जिला मंत्री हंसराज राजभर, मंडल उपाध्यक्ष गुलाब सिंह, विधानसभा संयोजक सोशल मीडिया राहुल सिंह, मंडल महामंत्री राजकुमार बिंद, विनोद चौबे, महेंद्र राजभर, चंद्रिका राजभर, मंडल उपाध्यक्ष सरिता राव, पंकज चौबे, जिला महामंत्री पिछड़ा पोर्च वीरेंद्र चौहान, मूसी राम, राम बचन राम, श्रवण सिंह, रमेश राजभर, हीरा राजभर, सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे



