जखनियां, गाजीपुर : प्रो. सत्यप्रकाश का असामयिक निधन, शिक्षा जगत में शोक की लहर

प्रो. सत्यप्रकाश का असामयिक निधन, शिक्षा जगत में शोक की लहर
महाविद्यालय परिवार ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई, सिद्धपीठ भुड़कुड़ा के पीठाधीश्वर ने व्यक्त की शोक संवेदना

जखनियां, गाजीपुर।श्री महंत रामाश्रयदास स्नातकोत्तर महाविद्यालय भुड़कुड़ा के कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. सत्यप्रकाश जी के असामयिक निधन से महाविद्यालय परिवार सहित शिक्षा जगत में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन को महाविद्यालय परिवार ने न केवल संस्थान बल्कि पूरे शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। महाविद्यालय परिवार ने नम आंखों से अपने प्रिय शिक्षक एवं कुशल शिक्षाविद् को अंतिम विदाई दी।प्रो. सत्यप्रकाश जी ने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से वाणिज्य संकाय में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त करने के बाद शोध कार्य पूर्ण कर पीएचडी की उपाधि हासिल की थी। शिक्षा के क्षेत्र में उनका लंबा एवं उल्लेखनीय योगदान रहा। वर्तमान समय में वह श्री महंत रामाश्रयदास स्नातकोत्तर महाविद्यालय भुड़कुड़ा में कार्यवाहक प्राचार्य के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।इससे पूर्व उन्होंने वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में वाणिज्य संकाय के संकायाध्यक्ष के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। अपने शैक्षणिक कार्यकाल के दौरान उन्होंने शोध एवं उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। उनके निर्देशन में आधा दर्जन से अधिक शोधार्थियों ने अपना शोध कार्य पूर्ण किया। विद्यार्थियों और शोधार्थियों के प्रति उनका सदैव आत्मीय एवं सहयोगात्मक व्यवहार रहा।प्रो. सत्यप्रकाश जी का व्यक्तित्व बेहद सहज, सरल और मिलनसार था। वह स्वभाव से हंसमुख थे और किसी के प्रति मन में कोई मलाल नहीं रखते थे। उनके इसी सरल एवं संतस्वभाव के कारण लोग उन्हें आत्मीयता से ‘स्वामी जी’ अथवा ‘संत जी’ कहकर भी संबोधित करते थे। उनके निधन से महाविद्यालय परिवार ने एक योग्य शिक्षक, मार्गदर्शक, प्रशासक और आत्मीय व्यक्तित्व को खो दिया है।अंतिम विदाई के अवसर पर महाविद्यालय परिसर में मौजूद शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थियों की आंखें नम रहीं। सभी ने उनके साथ बिताए पलों को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।सिद्धपीठ भुड़कुड़ा के पीठाधीश्वर एवं महाविद्यालय के अध्यक्ष/प्रबंधक श्री महंत शत्रुघ्नदास जी भी प्रो. सत्यप्रकाश जी की अंत्येष्टि क्रिया में शामिल हुए। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि प्रो. सत्यप्रकाश जी का निधन संस्थान के लिए बड़ी क्षति है। शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान और सरल व्यक्तित्व को लंबे समय तक याद किया जाएगा।महाविद्यालय परिवार ने ईश्वर से दिवंगत प्रो. सत्यप्रकाश जी की आत्मा को शांति प्रदान करने तथा शोकाकुल परिजनों को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।





