नशे के कारोबार पर शिकंजा कसने की तैयारी, मेडिकल स्टोरों पर सीसीटीवी अनिवार्य करने के निर्देश
डीएम अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में एन-कार्ड की बैठक संपन्न, हॉटस्पॉट चिह्नित कर नियमित पेट्रोलिंग और आकस्मिक जांच के दिए निर्देश

नशे के कारोबार पर शिकंजा कसने की तैयारी, मेडिकल स्टोरों पर सीसीटीवी अनिवार्य करने के निर्देश
डीएम अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में एन-कार्ड की बैठक संपन्न, हॉटस्पॉट चिह्नित कर नियमित पेट्रोलिंग और आकस्मिक जांच के दिए निर्देश
गाजीपुर, 31 अक्टूबर 2026। जनपद में नशीले पदार्थों एवं प्रतिबंधित दवाओं के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने और युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाने की तैयारी की है। शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में एन-कार्ड की जनपद स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। इसमें नशे के विरुद्ध अभियान चलाने, मेडिकल स्टोरों की निगरानी बढ़ाने तथा युवाओं को जागरूक करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जनपद में संचालित सभी ड्रग बेस्ड दवाओं की दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही मेडिकल स्टोरों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाए तथा उनके लाइसेंस और दवाओं की बिक्री से संबंधित अभिलेखों की जांच की जाए। उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं के अवैध कारोबार की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।जिलाधिकारी ने पुलिस एवं संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि जनपद में ऐसे हॉटस्पॉट चिह्नित किए जाएं, जहां नशीले पदार्थों की बिक्री या अवैध गतिविधियों की आशंका हो। सार्वजनिक स्थानों पर नियमित पुलिस पेट्रोलिंग कराई जाए। इसके साथ ही समय-समय पर आकस्मिक चेकिंग और निरीक्षण अभियान चलाकर नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।जिलाधिकारी ने नशे के दुष्परिणामों से छात्र-छात्राओं एवं युवाओं को जागरूक करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक एवं पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित कर नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों में नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम और काउंसलिंग कराई जाए, ताकि युवा नशे के दुष्प्रभावों को समझ सकें और इससे दूर रहें।उन्होंने कहा कि वर्ष 2029 तक भारत को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ गंभीरता से कार्य करना होगा। केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जनजागरूकता और युवाओं की काउंसलिंग भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए।बैठक में जिलाधिकारी ने नशीली दवाओं एवं ड्रग्स के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए अधिक से अधिक बरामदगी सुनिश्चित करने तथा सीजर सैंपल से संबंधित आख्या निर्धारित समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अतुल सोनकर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



