जखनियां/गाजीपुर : अलीपुर मंदरा में लगी सचल मोबाइल कोर्ट, ग्रामीणों को गांव में ही मिला न्याय

अलीपुर मंदरा में लगी सचल मोबाइल कोर्ट, ग्रामीणों को गांव में ही मिला न्याय
लोक अदालत प्रभारी नीरज गोंड एवं ग्राम न्यायालय जखनियां के न्यायाधीश अमित कुमार यादव की मौजूदगी में मामलों की हुई सुनवाई

जखनियां/गाजीपुर। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को छोटे-छोटे विवादों एवं न्यायिक मामलों के निस्तारण के लिए दूर स्थित न्यायालयों का चक्कर न लगाना पड़े और उन्हें उनके गांव के निकट ही न्यायिक सुविधा उपलब्ध हो सके, इसी उद्देश्य से शनिवार को ग्राम सभा अलीपुर मंदरा स्थित ग्राम सचिवालय में सचल मोबाइल कोर्ट का आयोजन किया गया। मोबाइल कोर्ट में लोक अदालत प्रभारी गाजीपुर नीरज गोंड एवं ग्राम न्यायालय जखनियां के न्यायाधीश अमित कुमार यादव की मौजूदगी में ग्रामीणों के मामलों को सुना गया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।सचल मोबाइल कोर्ट के आयोजन से ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। गांव में ही न्यायिक अधिकारियों की मौजूदगी में अपनी समस्याएं और वाद-विवाद रखने का अवसर मिलने से लोगों को काफी सहूलियत हुई। ग्रामीणों ने विभिन्न छोटे-छोटे विवादों एवं न्यायिक मामलों के संबंध में अपनी बात न्यायिक अधिकारियों के समक्ष रखी।इस मौके पर लोक अदालत प्रभारी नीरज गोंड ने कहा कि न्याय व्यवस्था का उद्देश्य केवल न्यायालय तक पहुंचने वाले लोगों को न्याय उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि न्याय की सुविधा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना भी है। सचल मोबाइल कोर्ट इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। गांव में मोबाइल कोर्ट आयोजित होने से ग्रामीणों का समय, श्रम और धन बचता है तथा उन्हें अपने छोटे मामलों के लिए दूर स्थित न्यायालयों तक जाने की परेशानी नहीं उठानी पड़ती।उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को चाहिए कि वे आपसी छोटे-मोटे विवादों को अनावश्यक रूप से बढ़ाने के बजाय आपसी सहमति, संवाद और विधिक प्रक्रिया के माध्यम से उनका समाधान कराने का प्रयास करें। लोक अदालत एवं मोबाइल कोर्ट की व्यवस्था लोगों को सरल, सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण माध्यम है।ग्राम न्यायालय जखनियां के न्यायाधीश अमित कुमार यादव ने भी ग्रामीणों को न्यायिक प्रक्रिया के संबंध में आवश्यक जानकारी देते हुए कहा कि ग्राम न्यायालय का मूल उद्देश्य ग्रामीण जनता को उनके आसपास ही न्याय की सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने मामलों को लेकर विधिक प्रक्रिया का पालन करें और न्यायालय एवं विधिक सेवा से संबंधित सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।उन्होंने कहा कि न्यायिक व्यवस्था को गांव-गांव तक पहुंचाने से आमजन में कानून के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और छोटे विवादों को समय रहते सुलझाने में मदद मिलेगी। मोबाइल कोर्ट के माध्यम से ग्रामीणों को यह भरोसा मिलता है कि उनकी समस्याओं को सुनने के लिए न्यायिक व्यवस्था उनके द्वार तक पहुंच रही है।बताते चलें कि अलीपुर मंदरा ग्राम सचिवालय में पूर्व में भी सचल मोबाइल कोर्ट का आयोजन किया जा चुका है। उच्च न्यायालय के निर्देश पर आयोजित पूर्व कार्यक्रम में ग्राम न्यायालय जखनियां के न्यायाधिकारी अमित कुमार यादव एवं उपजिलाधिकारी जखनियां अतुल कुमार की मौजूदगी में ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर न्यायिक सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। उस दौरान भी ग्रामीणों ने अपने विभिन्न वाद-विवाद एवं न्यायिक मामलों को अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया था।शनिवार को आयोजित मोबाइल कोर्ट में न्यायिक अधिकारियों की मौजूदगी में ग्रामीणों ने अपने मामलों को रखा। कार्यक्रम का उद्देश्य न्यायिक व्यवस्था को ग्रामीणों के और करीब लाना तथा छोटे मामलों के समाधान के लिए लोगों को सुलभ मंच उपलब्ध कराना रहा।कार्यक्रम में ग्राम सभा अलीपुर मंदरा के प्रधान प्रतिनिधि सर्वानंद सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता अखिल आनंद सिंह, आशु सिंह, अंकुर सिंह, विनय सिंह नायक, तहसीलदार जखनियां विवेकानंद सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता योगेंद्र सिंह, शैलेंद्र मिश्रा, रामकुमार सिंह, दुर्विजय यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।गांव में आयोजित सचल मोबाइल कोर्ट को लेकर ग्रामीणों ने न्यायिक अधिकारियों के प्रति आभार जताया और कहा कि ऐसी पहल से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को न्यायिक प्रक्रिया को समझने तथा अपने मामलों के समाधान की दिशा में काफी मदद मिलती है। स्थानीय स्तर पर न्यायिक सुविधा उपलब्ध होने से लोगों में न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास भी मजबूत होता है।



