यूपी में समग्र शिक्षा के संविदा कर्मियों को बड़ा तोहफा: मानदेय में 25% बढ़ोतरी मंजूर, 2026-27 के लिए 11,902 करोड़ का बजट पास

यूपी में समग्र शिक्षा के संविदा कर्मियों को बड़ा तोहफा: मानदेय में 25% बढ़ोतरी मंजूर, 2026-27 के लिए 11,902 करोड़ का बजट पास
लखनऊ, 8 सितंबर। उत्तर प्रदेश में समग्र शिक्षा के तहत काम करने वाले संविदा कर्मियों के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने उनके मानदेय में 25 प्रतिशत बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। वर्ष 2020 के बाद से इन कर्मियों के मानदेय में कोई वृद्धि नहीं हुई थी।
मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई समग्र शिक्षा कार्यकारी समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में शासकीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग और स्वीकृत बजट के शत-प्रतिशत उपयोग पर जोर दिया गया।
*राज्य व जिला परियोजना कार्यालय के कर्मियों को मिलेगा लाभ*
बैठक में राज्य परियोजना कार्यालय तथा समग्र शिक्षा (प्रारंभिक शिक्षा) और समग्र शिक्षा (माध्यमिक) के जिला परियोजना कार्यालयों में सेवा प्रदाता के माध्यम से कार्यरत कर्मियों के मानदेय में 25 प्रतिशत वृद्धि के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई।
*2026-27 के लिए 11,902 करोड़ का बजट मंजूर*
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025-26 में व्यय बढ़ाने के प्रयासों से 9,425.21 करोड़ रुपये का उपयोग सुनिश्चित किया गया, जो कुल उपलब्ध धनराशि का 92.46 प्रतिशत रहा। वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा सिर्फ 69.60 प्रतिशत था।
वर्ष 2026-27 के लिए भारत सरकार के प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड ने समग्र शिक्षा के तहत *11,902.85 करोड़ रुपये* का बजट मंजूर किया है। मुख्य सचिव ने इसका शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के लिए सघन और लक्षित प्रयास करने के निर्देश दिए हैं।
*यूनिफॉर्म के पैसे से यूनिफॉर्म ही खरीदें*
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि अभिभावकों को प्रेरित किया जाए कि यूनिफॉर्म के लिए DBT के माध्यम से दी जा रही धनराशि का इस्तेमाल यूनिफॉर्म खरीदने में ही करें। बच्चों को निर्धारित यूनिफॉर्म में ही स्कूल भेजना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने स्कूलों में लगे स्मार्ट क्लास और ICT लैब का नियमित अनुश्रवण और उनके प्रभावी उपयोग के भी निर्देश दिए।
*पढ़ाई के साथ खेलकूद और प्रयोगशालाओं पर जोर*
एसपी गोयल ने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाए ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके। भौतिक, रसायन और जीव विज्ञान की प्रयोगशालाओं में पर्याप्त उपकरण उपलब्ध रखने और उनका छात्रों से उपयोग कराने को कहा।
*कक्षा-2 तक निपुण भारत पर विशेष फोकस*
निपुण भारत मिशन के तहत बाल वाटिका से कक्षा-2 तक के बच्चों में भाषा और गणित की बुनियादी दक्षताओं पर विशेष काम हो रहा है। परिषदीय विद्यालयों में कक्षा 3 से 5 तक हिंदी, गणित, अंग्रेजी और पर्यावरण विषयों के लिए लक्ष्य तय किए गए हैं।
*ड्रीम लैब के लिए टाटा और यास्कावा से MoU*
बैठक में बताया गया कि मंत्रिपरिषद की मंजूरी के बाद ड्रीम लैब की स्थापना के लिए टाटा टेक्नोलॉजी, जापानी कंपनी यास्कावा और अन्य उद्योग समूहों के साथ विभाग ने MoU किया है। राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के स्कूल सेफ्टी ऑडिट के लिए कार्यदायी संस्था का चयन भी कर लिया गया है।
बैठक में अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित कुमार घोष, प्रमुख सचिव अल्पसंख्यक कल्याण संयुक्ता समद्दार, महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



