यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026: योगी राज में यूपी वस्त्रोद्योग का हब बनेगा – रामी रेड्डी

यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026: योगी राज में यूपी वस्त्रोद्योग का हब बनेगा – रामी रेड्डी

लखनऊ, 8 सितंबर। उत्तर प्रदेश को देश का टेक्सटाइल हब बनाने के लिए उद्योग जगत बड़े निवेश को लेकर उत्साहित है। ‘यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026’ के उद्घाटन सत्र में रामकी समूह के फाउंडर एवं चेयरमैन और पूर्व राज्यसभा सदस्य अल्ला अयोध्या रामी रेड्डी ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अनुशासन, सुरक्षा और बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर से यूपी वस्त्रोद्योग का प्रमुख केंद्र बनेगा।
रामी रेड्डी ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है, उसी तरह सीएम योगी नई सोच और नियंत्रण के साथ यूपी को आगे ले जा रहे हैं। प्रदेश में अनुशासन और सुरक्षा का माहौल उद्योगपतियों में भरोसा पैदा कर रहा है। उद्योगपति पैसा वहीं लगाता है जहां स्थिर और सुरक्षित वातावरण हो। यूपी देश का सबसे बड़ा और संसाधनों से समृद्ध राज्य है। यहां मजबूत राजनीतिक और प्रशासनिक नेतृत्व निवेश का भरोसा दे रहा है।
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु ने वस्त्रोद्योग में बड़ी प्रगति की है, यूपी को नंबर-1 बनने के लिए ऐसे सफल मॉडल से सीखकर ठोस कार्ययोजना बनानी होगी। लखनऊ समेत प्रदेश में 4-5 जगह बन रहे टेक्सटाइल पार्क इसी दिशा में बड़ा कदम है। इससे साफ है कि योगी सरकार इस सेक्टर को लेकर गंभीर है। ‘वॉक टू वर्क’ कॉन्सेप्ट से उद्योग और श्रमिक दोनों को फायदा मिलेगा।
रामी रेड्डी ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में यूपी न सिर्फ देश बल्कि वैश्विक टेक्सटाइल मानचित्र पर भी अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।
*टेक्सटाइल बाजार 350 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य: अश्विन चंद्रन*
इस अवसर पर प्रीकॉट लिमिटेड के CMD और CITI के उपाध्यक्ष अश्विन चंद्रन ने कहा कि भारतीय वस्त्र उद्योग बड़े बदलाव से गुजर रहा है। वैश्विक खरीदार अब सिर्फ लागत नहीं, बल्कि गुणवत्ता, टेक्नोलॉजी, स्थिरता और समय पर डिलीवरी देख रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अगले 5 साल में भारतीय टेक्सटाइल मार्केट को 180 अरब डॉलर से बढ़ाकर 350 अरब डॉलर और निर्यात को 37 अरब डॉलर से 100 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य है। इसके लिए AI, रोबोटिक्स और तकनीकी उन्नयन जरूरी है।
चंद्रन ने कहा कि यूपी के पास युवा वर्कफोर्स, मजबूत MSME, हथकरघा-हस्तशिल्प की समृद्ध विरासत और बड़ा घरेलू बाजार है। प्रदेश टेक्निकल टेक्सटाइल और रीसाइकिल्ड प्रोडक्ट में बड़ी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने बताया कि CITI समर्थ योजना के तहत यूपी सरकार के साथ मिलकर स्किल्ड वर्कफोर्स तैयार करने को तैयार है।



