कौशांबी में महिला सिपाही की थाने में गोली लगने से मौत: कुर्सी पर बैठते ही दबा राइफल का ट्रिगर, 3 महीने पहले ही लगी थी नौकरी

कौशांबी में महिला सिपाही की थाने में गोली लगने से मौत: कुर्सी पर बैठते ही दबा राइफल का ट्रिगर, 3 महीने पहले ही लगी थी नौकरी

कौशांबी। कौशांबी में 25 साल की महिला कॉन्स्टेबल की थाने में ही गोली लगने से मौत हो गई। मृतक की पहचान गाजीपुर निवासी प्रियंका यादव के रूप में हुई है। घटना शहर के महिला थाने की है।
जानकारी के मुताबिक प्रियंका थाने के गेट पर पहरेदारी कर रही थीं। कुर्सी पर बैठते समय अचानक उनकी सरकारी राइफल का ट्रिगर दब गया और गोली चल गई। बताया जा रहा है कि बुलेट गले को चीरते हुए जबड़े को फाड़कर निकल गई।
थाने में फायरिंग होते ही अफरा-तफरी मच गई। साथी पुलिसकर्मियों ने आनन-फानन में प्रियंका को जिला मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
*3 महीने पहले ही जॉइन की थी नौकरी*
महिला सिपाही गाजीपुर की रहने वाली थी। 3 महीने पहले ही उसकी ट्रेनिंग पूरी हुई थी। उसकी पहली पोस्टिंग कौशांबी के महिला थाने में हुई थी। जून के आखिरी सप्ताह में प्रियंका ने महिला थाने में जॉइन किया था।
*ASP बोलीं- कमरे में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला*
ASP अमिता सिंह ने बताया कि मंगलवार सुबह 10:30 बजे प्रियंका थाने के ऑफिस के बाहर गेट पर कुर्सी पर बैठी थीं। किसी काम से वह उठकर गईं और दो मिनट बाद वापस आईं। शुरुआती जांच में पता चला है कि जैसे ही वह कुर्सी पर बैठने लगीं, तभी अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई दी।
उन्होंने बताया कि साथी पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तो प्रियंका गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिलीं। उनके दाहिने हाथ में राइफल थी। सिपाही के कमरे की तलाशी ली गई, फिलहाल कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
फोरेंसिक टीम ने मौके से सबूत जुटाए हैं और राइफल को जांच के लिए कब्जे में ले लिया गया है। स्पॉट को सील कर दिया गया है। CCTV फुटेज की जांच की जा रही है और साथी पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है।
जांच के लिए CO सदर सौरभ सामंत के नेतृत्व में टीम गठित की गई है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की असली वजह साफ हो सकेगी।



