लखनऊ: आयुष्मान भारत योजना में मरीजों की सुरक्षा से समझौता करने वाले अस्पतालों पर बड़ी कार्रवाई।

लखनऊ: आयुष्मान भारत योजना में मरीजों की सुरक्षा से समझौता करने वाले अस्पतालों पर बड़ी कार्रवाई।
प्रदेश के 184 निजी अस्पताल आयुष्मान योजना से डी-इम्पैनल किए गए।
डी-इम्पैनल किए गए अस्पतालों में अब कैशलेस इलाज की सुविधा नहीं मिलेगी।
नए मानकों के अनुरूप सत्यापन के बाद 184 अस्पतालों पर कार्रवाई हुई।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कार्रवाई की वजह बताई।
भारत सरकार ने आयुष्मान योजना के अस्पतालों के लिए सुरक्षा और गुणवत्ता के मानक सख्त किए।
सभी संबद्ध अस्पतालों के दस्तावेज और व्यवस्थाओं का विस्तृत सत्यापन कराया गया।
अस्पतालों से फायर एनओसी और बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट समेत जरूरी दस्तावेज मांगे गए।
मार्च से अस्पतालों को मानक पूरे करने के लिए लगातार अवसर और सूचनाएं दी गईं।
निर्धारित समय में जरूरी शर्तें पूरी नहीं करने वाले अस्पतालों पर कार्रवाई की गई।
फायर एनओसी जैसे मरीजों की सुरक्षा से जुड़े मानकों में कमी मिलने पर कार्रवाई हुई।
मानकों का पालन नहीं करने पर 184 अस्पताल आयुष्मान योजना से बाहर किए गए।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा- मरीजों की सुरक्षा और इलाज की गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं।


