गाजीपुर : मुख्तार अंसारी गैंग के शस्त्र लाइसेंसों में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा, गाजीपुर में पांच मुकदमे दर्ज

मुख्तार अंसारी गैंग के शस्त्र लाइसेंसों में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा, गाजीपुर में पांच मुकदमे दर्ज
डीजीपी के निर्देश पर हुई जांच में परिजनों, गैंग सदस्यों व सहयोगियों के हथियारों के सत्यापन में मिली गंभीर अनियमितताएं, कई पूर्व अधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में
गाजीपुर, 28 जुलाई। उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा कुख्यात माफिया मुख्तार अंसारी (मृत) और उसके गैंग आईएस-191 से जुड़े परिजनों, सदस्यों तथा सहयोगियों के शस्त्र लाइसेंसों की जांच में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर कराए गए भौतिक सत्यापन और अभिलेखों की जांच के बाद जनपद गाजीपुर के कोतवाली एवं मुहम्मदाबाद थाने में कुल पांच मुकदमे दर्ज किए गए हैं।पुलिस के अनुसार वाराणसी परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक के नेतृत्व में तीन चरणों में जांच कराई गई। पहले चरण में मुख्तार अंसारी के पांच परिजनों, दूसरे चरण में गैंग आईएस-191 के 11 सदस्यों एवं सहयोगियों तथा तीसरे चरण में 27 ऐसे व्यक्तियों के शस्त्र लाइसेंसों की जांच की गई, जिन्हें तत्कालीन अधिकारियों की अनुमति के बिना फर्जी तरीके से लाइसेंस जारी किए जाने का आरोप है। इस दौरान कुल 43 व्यक्तियों के शस्त्र लाइसेंसों तथा लगभग 80 से अधिक हथियारों का भौतिक सत्यापन किया गया।जांच में सामने आया कि कई शस्त्र लाइसेंसों की मूल पत्रावलियां और हथियारों के क्रय-विक्रय से संबंधित अभिलेख जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से गायब हैं। आरोप है कि तत्कालीन शस्त्र लिपिकों और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से अभिलेख गायब कराए गए, जिससे हथियारों की वास्तविक स्थिति और उनके संभावित दुरुपयोग को छिपाया जा सके। एक मामले में फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस जारी करने का भी खुलासा हुआ है।जांच के आधार पर थाना कोतवाली गाजीपुर में चार तथा थाना मुहम्मदाबाद में एक मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें पूर्व सांसद अफजाल अंसारी, मुख्तार अंसारी की पत्नी अफसा बेगम, गैंग के सहयोगी शाहिद सहित तत्कालीन शस्त्र लिपिकों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को नामजद किया गया है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं।पुलिस ने बताया कि इन मामलों की विवेचना के लिए विशेष विवेचना दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। विवेचना के दौरान तत्कालीन एवं वर्तमान शस्त्र लिपिकों, प्रभारी अधिकारियों तथा अन्य संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की भी गहन जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले सभी व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।पुलिस का कहना है कि मुख्तार अंसारी गैंग एवं उसके परिजनों और सहयोगियों के शस्त्र लाइसेंसों के भौतिक सत्यापन की कार्रवाई अभी जारी है। जांच के दौरान यदि कोई अन्य अनियमितता या नया तथ्य सामने आता है तो उसके आधार पर भी नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



