सलेमपुर बघाई, : मानव के जीवन का एकमात्र उदेश्य है परमात्मा की प्राप्ति करना- महात्मा सारथानंद जी

मानव के जीवन का एकमात्र उदेश्य है परमात्मा की प्राप्ति करना- महात्मा सारथानंद जी
25 अप्रैल को चंद्रशेखर आज़ाद इंटर कॉलेज के मैदान में होगा सद्भावना सम्मेलन
मुख्य वक्ता के रूप श्री विभु जी महाराज का होगा उद्बोधन, सैकड़ों संत सहित हजारों श्रद्धालुओं का लगेगा संगम

सलेमपुर बघाई, 23 अप्रैल। भगवान का अवतरण धरती पर किसी विशेष कार्य के लिए होता है। मनुष्य ज़ब सदमार्ग को छोड़कर कुमार्ग अपना लेता है, धर्म को छोड़ कर अधर्म का मार्ग अपना लेता है तब महापुरुष भक्तों की रक्षा करने के लिए साकार रूप आते है और धर्म की रक्षा करते है।
उक्त बातें प्रयागराज से पधारे आज के मुख्य वक्ता के रूप में पूज्य महात्मा श्री सारथानंद जी ने श्री कृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाते हुए कही। श्री कृष्ण जन्मोत्सव पर सभी ने बधाई गाकर खुशियां मनाई. पांडाल में उपस्थित सभी श्रोतागण नाचते हुए नजर आए।
उन्होंने कहा कि मानव के जीवन का एकमात्र उदेश्य है परमात्मा की प्राप्ति करना। हमारा जन्म लेना तभी सार्थक होगा ज़ब हम भगवान को जानकर उनका भजन-सुमिरण करें।
अखिल भारतीय आध्यात्मिक और सामाजिक संस्था मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान और डॉ. संतोष कुमार यादव जी के सौजन्य से सलेमपुर बघाई में आयोजित सात दिवसीय ‘श्रीमद् भागवत सद्भावना सत्संग ज्ञानयज्ञ’ के चौथे दिन बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी (वाराणसी) से आए महात्मा सुजाता बाई जी ने कहा कि डॉ. संतोष यादव तो एक माध्यम है, यहां जो संतों का समागम चल रहा है, जिसके लिए संत शिरोमणि तुलसीदास जी ने श्रीरामचरित्रमानस में लिखा है कि-संत समागम हरि-कथा, तुलसी दुर्लभ दोय। अर्थात संत का मिलना और भगवान की कथा सुनना कलयुग में दुर्लभ बताया है। हमें आज सदगुरुदेव भगवान की कृपा से सुलभ हो रहा है। इसका हम सभी को भरपूर लाभ उठाना चाहिए।
सलेमपुर बघाई में संतों का संगम
श्रीराम नगरी अयोध्या से पधारी पूज्य महात्मा दर्शनी बाई जी, फतेहपुर से महात्मा आत्मगीतानंद जी, अमेठी से महात्मा चंद्रकेशवानंद जी, लखीमपुर खीरी से महात्मा सत्यवती बाई जी, गाजीपुर से महात्मा दयावती बाई जी ने अपने आत्म कल्याणकारी प्रवचन से पांडाल में उपस्थित भक्तों को लाभान्वित किया।
हवन-पूजन व भंडारा:
यह सात दिवसीय ज्ञानयज्ञ के आज तीसरे दिन आरती पूजन व विशाल भंडारे के साथ कार्यक्रम को विश्राम किया गया। अनेक आचार्यजनों ने विधिवत मन्त्रोंच्चारण के साथ पूजन अर्चन किया। आयोजकों ने समस्त धर्मप्रेमी जनता से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।
अतिथि स्वागत:
श्री रामाश्रय सिंह यादव, श्री अनिरुद्ध सिंह, श्री संदीप त्रिपाठी(पार्षद), श्री संदीप रघुवंशी जी(पार्षद), श्री शिवशंकर यादव जी(पार्षद), श्री बलिराम कनौजिया जी(पार्षद), श्री दिनेश यादव जी(पार्षद), श्री सुनील सोनकर जी(पार्षद), अरविन्द कुमार यादव और समिति के शाखा कार्यकर्ता व मानव सेवा दल के अनेक स्वयंसेवक सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहें।
इस दौरान सुबह से शाम तक आचार्य सुनील पाण्डेय रेवती, आचार्य रजनीश उपाध्याय, पंडित अमन तिवारी, पंडित आशुतोष पाण्डेय, वेदाचार्य आशीष उपाध्याय, वेदविभूषण पंकज ओझा और गोलू मिश्रा ने वेद मन्त्रोंचारण के साथ विधिवत पूजा अर्चना की। मंचासीन सभी पूज्य संत-महात्मागणों का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। आरती-प्रसाद के साथ कार्यक्रम को विश्राम किया गया। तत्पश्चात् भोजन-भंडारे का सभी ने लाभ उठाया। मंच संचालन डॉ. संतोष कुमार यादव जी ने किया।
विशेष-25 को होगा सद्भावना सम्मेलन
आगामी 25 अप्रैल को दोपहर 3 बजे से कॉलेज के मैदान में बड़े मंच से सद्भावना सम्मेलन में उपस्थित हजारों श्रद्धालु भक्तों को मुख्य वक्ता के रूप श्री विभु जी महाराज का होगा उद्बोधन, सैकड़ों संत सहित हजारों श्रद्धालुओं का लगेगा संगम। सभी भक्तों के आवास, भोजन, शौचालय, चिकित्सा शिविर, गर्मी से राहत हेतु पर्याप्त सुविधाएं की जा रही है। इन सभी व्यवस्थाओ के बारे में कार्यक्रम के आयोजनकर्ता सादात ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि डॉ. संतोष कुमार यादव ने विस्तार से बताया।



