जेवर एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले किसान योगी से मिले, सीएम बोले- पहली बार मुझे भी मना कर दिया था

जेवर एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले किसान योगी से मिले, सीएम बोले- पहली बार मुझे भी मना कर दिया था
जेवर एयरपोर्ट पर सोमवार से उड़ानें प्रारंभ हो गई हैं। पहली उड़ान लखनऊ के लिए रवाना हुई जिसमें एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले किसान बैठे और लखनऊ पहुंचे। यहां सभी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे।
जेवर एयरपोर्ट से लखनऊ के लिए संचालित पहली उड़ान सोमवार को सुबह करीब 9:55 बजे चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंची। इस उड़ान की सबसे खास बात यह रही कि इसमें जेवर एयरपोर्ट परियोजना के लिए भूमि देने वाले 172 किसान शामिल थे, जिन्होंने पहली बार हवाई यात्रा का अनुभव किया।
लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचने के बाद किसानों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। पहली बार विमान में सफर करने का सपना पूरा होने पर किसानों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर संवाद किया। 172 किसानों के दल में 20 महिला किसान भी शामिल थीं। सभी किसान जेवर क्षेत्र से लखनऊ पहुंचे और मुख्यमंत्री से मुलाकात कर विभिन्न विकास कार्यों, विशेषकर क्षेत्र में हुए बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर आभार व्यक्त किया।
बताया गया कि किसान प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र में चल रही विकास परियोजनाओं और उनसे मिले लाभों को लेकर मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। संवाद के दौरान किसानों ने अपने अनुभव साझा किए तथा कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की।
सीएम योगी ने कहा, मुझे याद है कि जब हमारी कैबिनेट ने जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए प्रस्ताव पारित किया, तो हमने अधिकारियों को समय-सीमा दी थी कि 100 दिन में जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू हो जाए, लेकिन यह शुरू नहीं हो पाई। मैं वहां गया तो किसानों के साथ बैठक की। करीब 100 किसानों से हमने कहा कि हमें एयरपोर्ट बनाना है, लेकिन वाकई में मुझे यही सुनने को मिला कि हम जमीन नहीं देंगे।
मैंने कहा कि आपको एक घंटे का समय दे रहा हूं। यह एयरपोर्ट आपकी तस्वीर बदल देगा, क्योंकि समय सबका आता है,कुछ बन जाते हैं, कुछ बिखर जाते हैं। जो मौके को गंवा देता है, वह बिखर जाता है। आपने मुझ पर विश्वास किया। इसके बाद कार्रवाई युद्धस्तर पर आगे बढ़ी। इसका परिणाम यह है कि 13 हजार एकड़ से अधिक जमीन पर पहले फेज का काम पूरा होकर नया इतिहास रच दिया गया है।



