भारतराजनीति

 मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर डीएम की अध्यक्षता में बैठक, 17 और 24 अक्टूबर को लगेंगे विशेष कैंप

फॉर्म-6 के साथ घोषणा पत्र लगाने की अनिवार्यता समाप्त, जेंडर और ईपीआईसी अनुपात बढ़ाने पर जोर

मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर डीएम की अध्यक्षता में बैठक, 17 और 24 अक्टूबर को लगेंगे विशेष कैंप

 

फॉर्म-6 के साथ घोषणा पत्र लगाने की अनिवार्यता समाप्त, जेंडर और ईपीआईसी अनुपात बढ़ाने पर जोर

 

गाजीपुर, 16 अक्टूबर।विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 एवं मतदेय स्थलों के संभाजन को लेकर शुक्रवार को राइफल क्लब सभागार में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी एवं अद्यतन बनाने के साथ अधिक से अधिक पात्र नागरिकों का पंजीकरण सुनिश्चित कराने पर जोर दिया गया।बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी ने उपस्थित मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की प्रति उपलब्ध कराई। उन्होंने अर्हता तिथि एक जनवरी 2027 के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की फोटोयुक्त निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम की जानकारी देते हुए आयोग के निर्देशों से अवगत कराया।बैठक में मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि एसआईआर के दौरान प्रयुक्त होने वाले फॉर्म-6 के साथ संलग्न घोषणा पत्र की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। अब पात्र नागरिक पूर्व की भांति अपने आवेदन के साथ निवास एवं जन्मतिथि से संबंधित साक्ष्य प्रस्तुत कर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।इस संबंध में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से कहा गया कि वे इस जानकारी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं, ताकि पात्र नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए आगे आएं और किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न रहे।जिलाधिकारी ने बताया कि मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के उद्देश्य से 17 एवं 24 अक्टूबर 2026 को विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे इन कैंपों में सहयोग करते हुए ऐसे सभी पात्र मतदाताओं, विशेषकर युवा मतदाताओं, का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित कराने में सक्रिय भूमिका निभाएं, जिनका नाम अभी तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं हुआ है।उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान आवश्यक साक्ष्य उपलब्ध नहीं करा पाने के कारण पंजीकरण से वंचित रह गई महिलाओं के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए भी विशेष प्रयास करने की अपील की। कहा कि पात्र मतदाताओं को पंजीकरण का अवसर उपलब्ध कराने और जागरूकता बढ़ाने में सभी राजनीतिक दलों का सहयोग महत्वपूर्ण है।बैठक में जनपद की निर्वाचक नामावलियों में जेंडर रेशियो तथा ईपीआईसी रेशियो बढ़ाने के संबंध में भी विस्तार से चर्चा की गई। मतदाता सूची में महिला मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने और पात्र नागरिकों के मतदाता पहचान पत्र से संबंधित पंजीकरण को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।इसके साथ ही जिलाधिकारी ने मतदेय स्थलों के संभाजन के संबंध में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श किया। निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने तथा पुनरीक्षण कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक सुझावों पर चर्चा हुई।बैठक में भाजपा के जिला कार्यालय मंत्री राजन प्रजापति, अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य रविकांत राय, समाजवादी पार्टी के जिला सचिव एवं मतदाता सूची प्रभारी राजेश कुमार यादव, आम आदमी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष जावेद अहमद, बहुजन समाज पार्टी के जनक प्रसाद सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

 

 

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