दीपावली से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी, 12 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए
मिठाई, बिरयानी, पनीर, खोया, बेसन और सरसों तेल की गुणवत्ता जांच के लिए भेजे जाएंगे नमूने

दीपावली से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी, 12 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए
मिठाई, बिरयानी, पनीर, खोया, बेसन और सरसों तेल की गुणवत्ता जांच के लिए भेजे जाएंगे नमूने
गाजीपुर। दीपावली के त्योहार को देखते हुए आमजन को गुणवत्तापूर्ण खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराने तथा खाद्य पदार्थों में मिलावट पर प्रभावी रोकथाम के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशेष अभियान चलाया। इस दौरान 21 और 22 अक्टूबर को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच कर कुल 12 खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित किए गए।विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, 21 अक्टूबर को कासिमाबाद चौराहा स्थित चौरसिया मिष्ठान भंडार से बर्फी का नमूना लिया गया। दिलदारनगर के फातिमा हॉस्पिटल रोड स्थित शमा चिकन बिरयानी से हैदराबादी बिरयानी तथा हुसैनाबाद स्थित शाहिद बिरयानी एंड मसाला से हैदराबादी बिरयानी का नमूना संग्रहित किया गया। इसी क्रम में हुसैनाबाद स्थित सना ट्रेडर्स से धनिया पाउडर का नमूना लिया गया।इसके बाद 22 अक्टूबर को रौजा-मुहम्मदाबाद बस स्टैंड स्थित मां स्वीट हाउस से बर्फी का नमूना लिया गया। बंशीबाजार मेन रोड स्थित रमायन यादव के पनीर निर्माण प्रतिष्ठान, सैनिक चौराहा स्थित ओमप्रकाश कन्नौजिया के पनीर निर्माण प्रतिष्ठान तथा सकलेनाबाद स्थित नीरज पटेल के प्रतिष्ठान से पनीर के नमूने संग्रहित किए गए।वहीं, भावरकोल क्षेत्र के सुखडेहरा में बेचन गुप्ता के प्रतिष्ठान से खोया और मुरली प्रसाद गुप्ता के प्रतिष्ठान से बेसन का नमूना लिया गया। कबीरपुर कुंडेसर स्थित समपत गुप्ता के प्रतिष्ठान से जयश्री ब्रांड सरसों तेल तथा मुहम्मदाबाद के शाहनिंदा स्थित बंगाली मिष्ठान भंडार से पेड़ा का नमूना संग्रहित किया गया।जांच रिपोर्ट के बाद होगी विधिक कार्रवाई,खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, संग्रहित सभी 12 नमूनों को जांच के लिए खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला, उत्तर प्रदेश भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।दीपावली के मद्देनजर चलाए जा रहे इस विशेष अभियान का उद्देश्य बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही संबंधित खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



