
जखनियां ब्लॉक में टेंट हटाने को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं और एसडीएम के बीच नोकझोंक, डीएम-एसपी ने लिया जायजा

स्नातक एवं शिक्षक एमएलसी चुनाव में दिनभर रही गहमागहमी, सपा ने लगाए मनमानी और पक्षपात के आरोप; प्रशासन ने शांतिपूर्ण मतदान का किया दावा


जखनियां (गाजीपुर)।वाराणसी खंड स्नातक एवं शिक्षक विधान परिषद निर्वाचन को लेकर शुक्रवार को जखनियां ब्लॉक परिसर में सुबह से ही गहमागहमी का माहौल देखने को मिला। सुबह आठ बजे मतदान शुरू होने के कुछ देर बाद ही भारतीय जनता पार्टी की ओर से लगाए गए टेंट को हटाने को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं और उपजिलाधिकारी जखनियां अतुल कुमार के बीच नोकझोंक शुरू हो गई। काफी देर तक चले विवाद के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को संभाला और टेंट को वहां से हटवाकर दूसरी तरफ लगवाया। इस दौरान मतदान प्रक्रिया जारी रही।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टेंट को लेकर शुरू हुआ विवाद कुछ समय तक चर्चा का विषय बना रहा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए क्षेत्राधिकारी भुड़कुड़ा रामकृष्ण तिवारी तथा कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र पांडे मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। इसके बाद मतदान केंद्र के आसपास की व्यवस्था को व्यवस्थित किया गया।टेंट विवाद के बाद चुनावी व्यवस्था को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं एवं नेताओं की ओर से पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाए जाने की बात भी सामने आई। इस दौरान एक बार फिर कहासुनी की स्थिति उत्पन्न हो गई। लगातार हो रही नोकझोंक और आरोप-प्रत्यारोप के बीच स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को व्यवस्था संभालने में सक्रिय रहना पड़ा।वहीं, समाजवादी पार्टी के नेताओं की ओर से भी चुनावी व्यवस्था को लेकर शिकायतें किए जाने की जानकारी सामने आई। शिकायतों और परिसर में बढ़ती गहमागहमी को देखते हुए जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला तथा पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह भी जखनियां ब्लॉक पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने मतदान केंद्र का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था, मतदान प्रक्रिया तथा मौके पर मौजूद अधिकारियों एवं कर्मचारियों से जानकारी प्राप्त की।जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने मतदान केंद्र पर पहुंचकर चुनाव से संबंधित व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। टेंट विवाद और पक्षपात संबंधी शिकायतों के बारे में भी अधिकारियों ने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने बताया कि शिकायतें मिलने के बाद निरीक्षण किया गया है। हालांकि, उनके अनुसार मौके पर स्थिति सामान्य थी और मतदान शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष ढंग से कराया जा रहा था।जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए पर्याप्त संख्या में प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी-कर्मचारी तैनात हैं। मतदान के दौरान किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रशासन की ओर से मतदान की शुचिता और व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के नेताओं ने चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए अपने वरिष्ठ नेताओं को रोके जाने तथा हाउस अरेस्ट किए जाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए। पार्टी नेताओं ने इसे मनमानी बताते हुए इसकी निंदा की और निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान सभी पक्षों को समान अवसर दिए जाने की मांग उठाई।समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष गोपाल सिंह यादव ने भी मतदान व्यवस्था को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने बताया कि वह वाराणसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता हैं और उनका नाम मनिहारी ब्लॉक से संबंधित है, लेकिन उन्हें अपना मत देने के लिए जखनियां ब्लॉक आना पड़ा। उन्होंने इस स्थिति को लेकर निर्वाचन आयोग और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए तथा इसे मनमानी करार दिया।हालांकि, विभिन्न पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों पर प्रशासन का कहना रहा कि मतदान प्रक्रिया निर्धारित व्यवस्था के अनुसार कराई जा रही है। आरोपों और शिकायतों के बीच प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए रहे।वाराणसी खंड स्नातक एवं शिक्षक एमएलसी निर्वाचन के लिए जखनियां ब्लॉक परिसर में कुल सात मतदान बूथ बनाए गए थे। इनमें छह बूथ स्नातक निर्वाचन तथा एक बूथ शिक्षक निर्वाचन के लिए निर्धारित था। सुबह आठ बजे मतदान शुरू होने के साथ ही मतदाताओं का पहुंचना शुरू हो गया था। दिनभर मतदान केंद्र पर मतदाताओं की आवाजाही बनी रही और चुनावी माहौल में उत्साह के साथ गहमागहमी भी देखने को मिली।मतदान को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए उपजिलाधिकारी अतुल कुमार, क्षेत्राधिकारी भुड़कुड़ा रामकृष्ण तिवारी, कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र पांडे सहित पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। अधिकारियों ने मतदान केंद्र पर सुरक्षा एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की।कुल मिलाकर, जखनियां ब्लॉक में स्नातक एवं शिक्षक एमएलसी चुनाव के दौरान टेंट हटाने को लेकर हुए विवाद, पुलिस पर लगाए गए आरोप और राजनीतिक दलों की शिकायतों के कारण माहौल गर्म रहा। वहीं, जिला प्रशासन ने मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने का दावा किया।



