जाको राखे साँईया, मार सके ना कोई…

जाको राखे साँईया, मार सके ना कोई…

24 वर्षीय सुमित को चाकू से छह गंभीर वार किए गए थे। इनमें से एक वार दिल के बेहद करीब से गुजरते हुए हृदय को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा था। मरीज की स्थिति अत्यंत नाजुक थी।
ऐसे कठिन समय में शाही ग्लोबल हॉस्पिटल के निदेशक एवं मुख्य सर्जन डॉ. शिव शंकर शाही ने अपनी टीम के साथ तत्काल ऑपरेशन शुरू किया। ऑपरेशन के दौरान यह देखकर स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो गई कि मरीज के हृदय की प्रत्येक धड़कन के साथ रक्तस्राव हो रहा था।
मरीज की जान बचाने के लिए तत्काल कार्डियोलॉजी टीम के डॉ. सौरभ श्रीवास्तव एवं डॉ. बाल गोविंद सिंह को बुलाया गया। पूरी टीम ने आपसी समन्वय, सूझबूझ और त्वरित निर्णय के साथ सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया और मरीज को आईसीयू में शिफ्ट किया गया।
आज खुशी की बात है कि सुमित पूरी तरह स्वस्थ है। हृदय की जांच में किसी प्रकार की गंभीर क्षति नहीं पाई गई है और चाकू के छह वारों से हुए घाव अब पूरी तरह भर चुके हैं।
अब सुमित शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ है तथा चिकित्सकीय सलाह के अनुसार कल से अपनी सामान्य दिनचर्या और काम पर लौट सकता है।
यह एक कठिन और चुनौतीपूर्ण केस था, जिसमें समय पर उपचार, विशेषज्ञों की टीम और सामूहिक प्रयासों ने एक अनमोल जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जाको राखे साँईया, मार सके ना कोई।



