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जखनिया, गाजीपुर : स्वर्गीय भानु पहलवान की स्मृति में 17 अगस्त को होगा विशाल कुश्ती दंगल

स्वर्गीय भानु पहलवान की स्मृति में 17 अगस्त को होगा विशाल कुश्ती दंगल

अलीपुर मदंरा के बरींया प्राचीन अखाड़े में जुटेंगे नामचीन पहलवान, प्रदेश स्तर के पहलवान दिखाएंगे दमखम

जखनिया, गाजीपुर। तहसील जखनिया क्षेत्र के ग्राम सभा अलीपुर मदंरा के बरींया स्थित प्राचीन अखाड़े पर नाग पंचमी के पावन अवसर पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी स्वर्गीय भानु पहलवान की स्मृति में विशाल कुश्ती दंगल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। आगामी 17 अगस्त 2026 को प्रातःकाल आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता को लेकर क्षेत्र के लोगों में खासा उत्साह है।आयोजन समिति के अनुसार, इस ऐतिहासिक अखाड़े पर होने वाले कुश्ती दंगल में गाजीपुर जनपद के अलावा आसपास के अन्य जनपदों से भी नामचीन पहलवानों के पहुंचने की सूचना है। प्रत्येक वर्ष इस अखाड़े पर प्रदेश स्तर के पहलवान अपनी कुश्ती कला और दमखम का प्रदर्शन करने पहुंचते हैं। ऐसे में इस बार भी रोमांचक मुकाबले देखने को मिलने की उम्मीद है।

भानु पहलवान की स्मृति में वर्षों से हो रहा आयोजन

स्वर्गीय भानु पहलवान की स्मृति को जीवंत रखने के उद्देश्य से क्षेत्रीय ग्रामीणों एवं कुश्ती प्रेमियों के सहयोग से प्रतिवर्ष नाग पंचमी के अवसर पर इस भव्य दंगल का आयोजन किया जाता है। प्राचीन अखाड़े से जुड़ी कुश्ती की परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ-साथ आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण अंचल में छिपी कुश्ती प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराना भी है।आयोजन समिति ने बताया कि दंगल में दूर-दराज से आने वाले पहलवानों के बीच जोरदार मुकाबले देखने को मिलेंगे। कुश्ती प्रेमियों के लिए यह आयोजन क्षेत्र के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहता है और बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं आसपास के लोग मुकाबले देखने के लिए अखाड़े पर पहुंचते हैं।

आयोजन समिति ने दी जानकारी

कुश्ती दंगल प्रतियोगिता की जानकारी प्रेस के माध्यम से आयोजन समिति के शिवानंद पहलवान, अशोक, अंकुर यादव, छेदी यादव, प्रदीप यादव, धर्मेंद्र यादव तथा अखंड प्रताप सिंह उर्फ पिंकू सिंह राजन पाण्डेय पहलवान ने दी। समिति ने क्षेत्रवासियों एवं कुश्ती प्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर पहलवानों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है।आयोजन समिति के सदस्यों ने कहा कि नाग पंचमी के अवसर पर होने वाला यह दंगल केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि क्षेत्र की पुरानी कुश्ती परंपरा, ग्रामीण संस्कृति और स्वर्गीय भानु पहलवान की स्मृतियों को संजोने वाला आयोजन है।

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