छत्तीसगढ़ : श्रावण मास के पहले सोमवार पर उमड़ी आस्था, हजारों श्रद्धालुओं ने कन्हर नदी से जल लेकर तपेश्वर धाम में किया जलाभिषेक

श्रावण मास के पहले सोमवार पर उमड़ी आस्था, हजारों श्रद्धालुओं ने कन्हर नदी से जल लेकर तपेश्वर धाम में किया जलाभिषेक
शैलेंद्र कुमार द्विवेदी
इंडिया नाऊ २४
छत्तीसगढ़
रामानुजगंज। श्रावण मास के पहले सोमवार को रामानुजगंज में भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। नगर के मां महामाया मंदिर स्थित छठ घाट से हजारों श्रद्धालुओं ने कन्हर नदी का पवित्र जल कांवड़ में भरकर तातापानी स्थित तपेश्वर धाम के लिए पैदल यात्रा प्रारंभ की। सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश भी शिवभक्तों के उत्साह को कम नहीं कर सकी। “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा नगर शिवमय हो उठा।
कांवड़ यात्रा प्रारंभ होने से पहले मां महामाया मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित जितेंद्र पांडे ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधानपूर्वक जल एवं कांवड़ का पूजन कराया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने सुबह लगभग 4:30 बजे से कन्हर नदी से जल उठाना शुरू किया। दोपहर लगभग 1 बजे तक श्रद्धालुओं का लगातार पहुंचना और जल लेकर तपेश्वर धाम के लिए रवाना होना जारी रहा।
मां महामाया मंदिर परिसर एवं छठ घाट पर दिनभर मेले जैसा माहौल बना रहा। कांवड़, पूजन सामग्री, फूल-माला और प्रसाद की दुकानों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। दूर-दूर से आए दुकानदारों ने भी अपने स्टॉल लगाए, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्सव का वातावरण बना रहा।
कन्हर नदी का जलस्तर बढ़ा होने के कारण जिला प्रशासन ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए थे। छठ घाट पर गोताखोरों की टीम तैनात रही, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके। वहीं नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल के निर्देश पर छठ घाट, मां महामाया मंदिर परिसर तथा कांवड़ यात्रियों के पैदल मार्ग की विशेष साफ-सफाई कराई गई और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं।
बारिश के बीच भी ड्यूटी पर डटे रहे पुलिस उप निरीक्षक निर्मल राजवाड़े
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए पुलिस प्रशासन भी पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात रहा। मूसलाधार बारिश के बीच लगभग 60 वर्षीय पुलिस उप निरीक्षक निर्मल राजवाड़े पैदल ही छठ घाट पहुंचे और अपनी निर्धारित ड्यूटी संभाली। उन्होंने पुलिस जवानों के साथ मिलकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण एवं यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखा। प्रतिकूल मौसम के बावजूद उनकी कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया और उपस्थित श्रद्धालुओं ने उनके कार्य की सराहना की।
श्रावण मास के पहले सोमवार पर निकली इस विशाल कांवड़ यात्रा ने एक बार फिर क्षेत्र की धार्मिक आस्था, सामाजिक एकजुटता और शिवभक्ति की अनूठी मिसाल पेश की। हजारों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के जयघोष के साथ तातापानी स्थित तपेश्वर धाम पहुंचकर जलाभिषेक के लिए रवाना हुए।



