गोरखपुर : संविधान निर्माता के आदर्शों से ही संभव है राष्ट्र की प्रगति: पूर्वोत्तर रेलवे में अंबेडकर जयंती की धूम

संविधान निर्माता के आदर्शों से ही संभव है राष्ट्र की प्रगति: पूर्वोत्तर रेलवे में अंबेडकर जयंती की धूम

गोरखपुर, 15 अप्रैल, 2026: पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय स्थित रेलवे प्रेक्षागृह में आज ‘भारत रत्न’ बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती अत्यंत गरिमापूर्ण एवं भव्य रूप में मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाप्रबन्धक श्री उदय बोरवणकर ने की।
श्रद्धांजलि और सांस्कृतिक सत्र
समारोह का शुभारंभ महाप्रबन्धक द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर अपर महाप्रबन्धक श्री वी.के. शुक्ल, प्रमुख विभागाध्यक्षों, वरिष्ठ अधिकारियों और अनुसूचित जाति एवं जनजाति एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। पूर्वोत्तर रेलवे कला समिति के कलाकारों ने सुमधुर भजनों के जरिए वातावरण को भक्तिमय और प्रेरणादायक बना दिया।
महाप्रबन्धक का संबोधन: “आधुनिक भारत के बुद्ध थे बाबा साहब”
उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए महाप्रबन्धक श्री उदय बोरवणकर ने कहा:
”बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर केवल एक नेता नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के बुद्ध और महानायक थे। उनके पुस्तकालय में 30 हजार से अधिक पुस्तकें होना उनके ज्ञान के प्रति समर्पण को दर्शाता है। गौतम बुद्ध, संत कबीर और महात्मा फूले के विचारों से प्रेरित बाबा साहब ने समाज में ज्ञान का वह दीपक जलाया, जिसने करोड़ों जीवन रोशन किए। आज की युवा पीढ़ी को उनके साहस और निडरता से सीख लेनी चाहिए।”
प्रमुख अंश: मुख्य वक्ताओं के विचार
श्री मनोज कुमार (प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी): उन्होंने स्वागत भाषण में कहा कि बाबा साहब ने साधारण परिवेश से निकलकर अपने दृढ़ संकल्प से असाधारण उपलब्धियां हासिल कीं। उनका बनाया संविधान विश्व का सबसे सशक्त दस्तावेज है, जो हमें समानता और न्याय की गारंटी देता है।
एसोसिएशन का वक्तव्य: एससी/एसटी एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री बच्चू लाल एवं महामंत्री श्री रामप्रकाश ने बाबा साहब के संघर्षों और उनके द्वारा समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए किए गए ऐतिहासिक कार्यों पर विस्तृत प्रकाश डाला।
समापन
कार्यक्रम का सफल संचालन कला समिति की श्रीमती अंचला लाल ने किया, जबकि अंत में वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी (मुख्यालय) श्री गोपाल प्रसाद गुप्ता ने सभी आगंतुकों और रेलकर्मियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। समारोह में भारी संख्या में रेल कर्मचारी और अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने बाबा साहब के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।



