गाजीपुर : गोआश्रय स्थलों की व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश, छुट्टा गोवंशों को तत्काल संरक्षण देने पर जोर

गोआश्रय स्थलों की व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश, छुट्टा गोवंशों को तत्काल संरक्षण देने पर जोर

गाजीपुर, 30 मई 2026। मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार (राइफल क्लब) में आयोजित की गई। बैठक में जनपद के सभी गोआश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए निराश्रित गोवंशों के संरक्षण एवं गोशालाओं के सुदृढ़ीकरण को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी गोआश्रय स्थलों की तारबंदी सुनिश्चित कराई जाए तथा सड़कों और खेतों में घूम रहे छुट्टा निराश्रित गोवंशों को पकड़कर निकटतम गोआश्रय स्थलों में संरक्षित किया जाए।समीक्षा के दौरान निर्णय लिया गया कि जनपद की प्रत्येक ग्राम पंचायत को राज्य वित्त आयोग (एसएफसी) से उपलब्ध धनराशि का 10 प्रतिशत हिस्सा जनपद स्तर पर पूलिंग के रूप में एकत्र किया जाएगा। इसके लिए बैंक में एक संयुक्त खाता खोला जाएगा, जिसका संचालन जिला पंचायत राज अधिकारी एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी संयुक्त रूप से करेंगे। गोआश्रय स्थलों की आवश्यकता के अनुसार खंड विकास अधिकारी की मांग और संबंधित उपजिलाधिकारी की संस्तुति पर इस निधि से धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।बैठक में गोवंशों के भरण-पोषण के लिए हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी विशेष बल दिया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि आगामी 10 दिनों के भीतर गोआश्रय स्थलों से संबंधित चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर हरे चारे की बुवाई कराई जाए अथवा चारा उत्पादक किसानों से अनुबंध कर पर्याप्त चारे की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।समीक्षा के दौरान यह भी पाया गया कि जनपद के चार गोआश्रय स्थलों में 50 से कम गोवंश संरक्षित हैं। ऐसे सभी गोवंशों को आगामी तीन दिनों के भीतर निकटवर्ती बड़े गोआश्रय स्थलों में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए, ताकि उनकी बेहतर देखभाल सुनिश्चित हो सके।बैठक में जिला विकास अधिकारी सुभाष चंद्र सरोज, परियोजना निदेशक दीनदयाल वर्मा, उपायुक्त मनरेगा विजय यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी रमेश चंद्र उपाध्याय, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरविंद कुमार शाही, नोडल अधिकारी गोशाला डॉ. राकेश कुमार गौतम, सभी खंड विकास अधिकारी, नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी तथा जनपद स्तरीय नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।



