गोरखपुर: महिला व नाबालिग बेटी को निर्वस्त्र कर पीटा, 12 नामजद व 15 अज्ञात पर एफआईआर दर्ज, आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से परिवार में खौफ

गोरखपुर: महिला व नाबालिग बेटी को निर्वस्त्र कर पीटा, 12 नामजद व 15 अज्ञात पर एफआईआर दर्ज, आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से परिवार में खौफ

प्रमुख बिंदु:
घटना स्थल व दिनांक: थाना गुलरिहा क्षेत्र के ग्राम जमूनिया में 17 जून 2026 की शाम लगभग 6 बजे।
पीड़ित पक्ष: संजय सिंह (शिकायतकर्ता), उनकी नाबालिग पुत्री रिद्धि सिंह, पत्नी संजू सिंह और माता सिमरिता देवी।
आरोपी: अनिल यादव, अजीत यादव, हरिओम यादव, विनीत यादव, जयहिन्द यादव, अंकुर, गोलू, रवि, बाबी, रामश्रस, विशाल उर्फ मिठू, अखिलेश तथा 15 अन्य अज्ञात व्यक्ति।
दर्ज धाराएं (BNS): 191(2), 191(3), 190, 115(2), 352, 351(3), 74, 76, 109, और 333 (FIR No. 0485)।
गोरखपुर। थाना गुलरिहा अंतर्गत जमूनिया गाँव में बेखौफ मनबढ़ों द्वारा एक परिवार पर लाठी-डंडों व हथियारों से लैस होकर प्राणघातक हमला करने तथा महिलाओं के साथ बर्बरता व अभद्रता करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
पीड़ित संजय सिंह द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, बीते 17 जून की शाम लगभग 6 बजे गाँव के चौराहे स्थित एक दुकान पर 12 नामजद व 15 अज्ञात दबंगों ने उन्हें जान से मारने की नीयत से घेर लिया और बुरी तरह मारा-पीटा।
पीड़ित को मरणासन्न छोड़कर जब आरोपी भागने लगे, तब बीच-बचाव करने आई उनकी नाबालिग पुत्री रिद्धि सिंह को भी आरोपियों ने बेरहमी से पीटा, उसके कपड़े फाड़कर उसे निर्वस्त्र कर दिया और सिर फोड़ दिया। इसके अलावा पीड़ित की पत्नी संजू सिंह व वृद्ध माता सिमरिता देवी के साथ भी मारपीट कर लज्जा भंग की गई। गंभीर रूप से घायलों को इलाज के लिए पहले भटहट स्वास्थ्य केंद्र और फिर बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल, प्रेस क्लब को पत्र:
मामले में 19 जून को एफआईआर दर्ज होने के बावजूद मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर पीड़ित परिवार में भारी दहशत का माहौल है। पीड़ित पक्ष ने प्रेस क्लब गोरखपुर के अध्यक्ष को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि मुख्य आरोपी पुराना भू-माफिया/दबंग है और पुलिस स्थानीय स्तर पर मिलीभगत कर विवेचना में हेरफेर कर रही है। आरोपियों द्वारा शिकायत वापस न लेने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। न्याय न मिलने से आहत पीड़ित परिवार ने आत्महत्या करने तक की आशंका जताई है।
जांच अधिकारी: मामले की विवेचना उप-निरीक्षक (SI) अजय कुमार मौर्य द्वारा की जा रही है, जबकि थाना प्रभारी निरीक्षक जगदीश प्रसाद मामले की निगरानी कर रहे हैं।



