मनरेगा का भुगतान नहीं मिलने से मजदूर परेशान, ग्राम प्रधानों के घर लगा रहे चक्कर

मनरेगा का भुगतान नहीं मिलने से मजदूर परेशान, ग्राम प्रधानों के घर लगा रहे चक्कर
30 जून से 10 जुलाई के बीच कराए गए कार्यों का भुगतान अब तक अटका, बाद में कराए गए कार्यों का भुगतान होने से बढ़ी चिंता
जखनियां, गाजीपुर। गांवों में रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित मनरेगा योजना के तहत कार्य करने वाले मजदूरों का भुगतान समय से नहीं होने के कारण उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है। मजदूर अपने मेहनताने के लिए ग्राम प्रधानों के घरों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। मजदूरों और ग्राम प्रधानों का कहना है कि काफी समय बीत जाने के बावजूद मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों का भुगतान उनके खाते में नहीं पहुंचा है।बताया जा रहा है कि शासन स्तर से मनरेगा के स्थान पर वीबीजी रामजी योजना के तहत कार्य कराए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वहीं, मनरेगा के तहत पूर्व में कराए जा चुके कार्यों का भुगतान अभी भी कई ग्राम पंचायतों में लंबित बताया जा रहा है। विशेष रूप से 30 जून से 10 जुलाई के बीच जिन ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत कार्य कराए गए, उनका भुगतान अब तक नहीं होने की बात सामने आ रही है।भुगतान नहीं मिलने से कार्य करने वाले मजदूर आर्थिक परेशानी से जूझ रहे हैं। मजदूरों का कहना है कि उन्होंने निर्धारित समय में मजदूरी की और उन्हें उम्मीद थी कि कार्य पूर्ण होने के बाद समय से मजदूरी का भुगतान उनके बैंक खाते में कर दिया जाएगा, लेकिन काफी समय गुजरने के बाद भी भुगतान नहीं हुआ। इसके चलते मजदूर ग्राम प्रधानों से भुगतान के संबंध में जानकारी लेने पहुंच रहे हैं।मजदूरों के भुगतान को लेकर ग्राम प्रधान भी असमंजस की स्थिति में हैं। उनका कहना है कि ब्लॉक स्तर से लेकर जिला स्तर तक संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से भुगतान के संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन स्पष्ट रूप से यह नहीं बताया जा रहा है कि लंबित भुगतान आखिर कब तक मजदूरों के खाते में पहुंचेगा।वहीं, दूसरी ओर बाद में वीबीजी रामजी योजना के तहत कराए जा रहे कार्यों का भुगतान होने की जानकारी से मनरेगा के पुराने भुगतान का इंतजार कर रहे मजदूरों एवं ग्राम प्रधानों की चिंता और बढ़ गई है। ग्राम प्रधानों को आशंका है कि यदि सरकारी स्तर से समय से भुगतान नहीं हुआ तो मजदूरों के दबाव का सामना उन्हें करना पड़ सकता है।मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों का कहना है कि मजदूरी ही उनके परिवार की आय का प्रमुख साधन है। समय से मजदूरी नहीं मिलने के कारण घर-परिवार की जरूरतें पूरी करने में परेशानी हो रही है। मजदूरों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि उनके द्वारा किए गए कार्यों का सत्यापन कराकर लंबित मजदूरी का भुगतान शीघ्र कराया जाए।ग्राम प्रधानों एवं मनरेगा मजदूरों ने उच्चाधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर लंबित भुगतान जल्द से जल्द कराने की मांग की है, ताकि मजदूरों को आर्थिक परेशानी से राहत मिल सके और ग्राम पंचायत स्तर पर भी भुगतान को लेकर बनी असमंजस की स्थिति समाप्त हो।



