गाजीपुर : गिले-शिकवे भुलाकर फिर एक-दूजे के हुए दंपती, परिवार परामर्श केंद्र ने कराई सकुशल विदाई

गिले-शिकवे भुलाकर फिर एक-दूजे के हुए दंपती, परिवार परामर्श केंद्र ने कराई सकुशल विदाई
22 प्रकरणों की हुई सुनवाई, मध्यस्थता से एक परिवार में लौटी खुशियां
गाजीपुर, 09 अगस्त। पुलिस अधीक्षक गाजीपुर के कुशल निर्देशन में महिला सहायता प्रकोष्ठ/परिवार परामर्श केंद्र द्वारा रविवार को पति-पत्नी के विवाद से संबंधित कुल 22 प्रकरणों की सुनवाई की गई। इस दौरान काफी समय से विवादित चल रहे एक प्रकरण में दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर मध्यस्थता कराई गई। समझाने-बुझाने के बाद दंपती ने आपसी गिले-शिकवे भुलाकर बिना किसी दबाव के राजी-खुशी साथ रहने की सहमति जताई। इसके बाद परिवार परामर्श केंद्र द्वारा दोनों की सकुशल विदाई कराई गई।वहीं, सुनवाई के दौरान पांच प्रकरणों में आपसी कुशलता के बाद पत्रावली बंद कर दी गई, जबकि छह प्रकरणों में पक्षकारों को विधिक सुझाव देते हुए पत्रावली का निस्तारण किया गया। शेष प्रकरणों में अभी मध्यस्थता नहीं हो सकी, जिसके चलते संबंधित पक्षों को अगली तिथि निर्धारित कर दी गई।परिवार परामर्श केंद्र की इस पहल से एक परिवार में फिर से खुशियां लौट आईं। प्रकरणों के निस्तारण में विक्रमादित्य मिश्रा, कमरुद्दीन, महिला प्रकोष्ठ प्रभारी उपनिरीक्षक नीतू मिश्रा, महिला आरक्षी सविता, महिला आरक्षी रागिनी चौबे, महिला आरक्षी संध्या एवं महिला आरक्षी अभिलाषा सहित अन्य कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।चाहें तो इसे मैं दैनिक जागरण/अमर उजाला की और अधिक प्रभावशाली स्थानीय खबर की शैली में भी तैयार कर सकता हूं।



