
ईवीएम-वीवीपैट की प्रथम स्तर की जांच 12 अक्टूबर से,डीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर पारदर्शी एवं निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
गाजीपुर, 8 अक्टूबर। आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 के दृष्टिगत ईवीएम एवं वीवीपैट की प्रथम स्तर की जांच (एफएलसी) को लेकर जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में गुरुवार को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई।बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में ईवीएम एवं वीवीपैट की प्रथम स्तर की जांच का कार्य 12 अक्टूबर 2026 से शुरू किया जाना निर्धारित है। एफएलसी की पूरी प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों एवं निर्धारित एसओपी के अनुसार पारदर्शी, निष्पक्ष एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई जाएगी।उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को बताया कि एफएलसी के दौरान उनके अधिकृत प्रतिनिधियों को उपस्थित रहकर पूरी प्रक्रिया का अवलोकन करने तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मॉक पोल में प्रतिभाग करने का अवसर दिया जाएगा। उन्होंने सभी दलों से अपने अधिकृत प्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने एवं प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता की अपेक्षा की बैठक में वाराणसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के संबंध में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि एमएलसी निर्वाचन के लिए रैंडमाइजेशन की कार्यवाही 9, 14 एवं 21 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है। पोलिंग पार्टियां 22 अक्टूबर को रवाना होंगी, 23 अक्टूबर को मतदान तथा 27 अक्टूबर को मतगणना कराई जाएगी। मतगणना का कार्य वाराणसी मंडल में कराया जाना निर्धारित है।राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने एफएलसी की प्रक्रिया को पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में पूर्ण सहयोग देने की सहमति व्यक्त की। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि एफएलसी से संबंधित सभी व्यवस्थाएं निर्धारित तिथि से पूर्व पूर्ण कर ली जाएं और पूरी प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से संपन्न कराई जाए।बैठक के अंत में उपस्थित अधिकारियों एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बैठक का समापन किया गया।चाहें तो इसे मैं दैनिक जागरण में प्रकाशन योग्य और अधिक संक्षिप्त अखबारी शैली में भी तैयार कर सकता हूँ।



