
घायल पुलिसकर्मी से मिले डीएम, हमलावरों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश
गाजीपुर। भूमि विवाद के निस्तारण के दौरान पुलिस एवं राजस्व टीम पर हुए हमले में घायल पुलिसकर्मियों का जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने अस्पताल पहुंचकर हाल जाना। चिकित्सकों से घायल पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के बाद डीएम ने कहा कि घायल उपनिरीक्षक खतरे से बाहर हैं और उनका आवश्यक उपचार कराया जा रहा है। उन्होंने पुलिस एवं राजस्व टीम पर हमला करने की घटना को गंभीरता से लेते हुए आरोपितों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।जिलाधिकारी ने भूमि विवाद के प्रकरण की जानकारी देते हुए बताया कि 06 अगस्त 2026 को जनता दर्शन के दौरान प्रार्थिनी श्रीमती प्रर्मिला देवी ने भूमि पर अवैध कब्जे के संबंध में प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया था। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए संबंधित राजस्व अधिकारियों को मौके पर जाकर जांच एवं नियमानुसार निस्तारण के निर्देश दिए गए थे।डीएम के निर्देश पर राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर भूमि की पैमाइश की और आवश्यक कार्रवाई की। संबंधित भूमि पर कब्जा दिलाने की कार्रवाई के बाद मौके पर खंभा एवं सीमा चिन्ह भी स्थापित किया गया था। जिलाधिकारी के अनुसार बाद में विपक्षी पक्ष द्वारा उक्त सीमा चिन्ह को उखाड़ दिया गया।मामला दोबारा संज्ञान में आने पर जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग की टीम को पुलिस बल के साथ मौके पर भेजकर पुनः पैमाइश एवं नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। इसी क्रम में राजस्व एवं पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर कार्रवाई कर रही थी। तभी विपक्षी पक्ष द्वारा लाठी-डंडों से पुलिस एवं राजस्व टीम पर हमला कर दिया गया।हमले में एक उपनिरीक्षक सहित पुलिस टीम के अन्य कर्मियों को चोटें आईं। सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने जांच एवं उपचार के बाद घायल उपनिरीक्षक को खतरे से बाहर बताया। इसके बाद जिलाधिकारी स्वयं अस्पताल पहुंचे और घायल पुलिसकर्मियों का हाल जाना।जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पुलिस एवं प्रशासन की टीम पर हमला करना अत्यंत गंभीर एवं कानून-विरोधी कृत्य है। मामले में तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपितों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आरोपितों के विरुद्ध गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए जिला बदर की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन इस प्रकार की घटनाओं को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं करेगा। भूमि, राजस्व अथवा किसी अन्य प्रशासनिक प्रकरण में किसी व्यक्ति को शिकायत या समस्या है तो वह लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से संबंधित अधिकारी के समक्ष अपनी शिकायत प्रस्तुत कर सकता है। प्रशासन प्रत्येक पात्र व्यक्ति की समस्या का नियमानुसार समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है।डीएम ने जनपदवासियों से अपील की कि किसी भी विवाद अथवा शिकायत का समाधान कानून हाथ में लेकर नहीं, बल्कि विधिक एवं लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से किया जाए। पुलिस, राजस्व अथवा प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ मारपीट, धमकी अथवा सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करना किसी भी दशा में स्वीकार नहीं किया जाएगा।उन्होंने कहा कि जनहित में कार्य कर रही पुलिस एवं प्रशासनिक टीम के साथ अभद्रता, मारपीट अथवा हमला करने वालों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर गुंडा एक्ट एवं गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई के साथ परिस्थितियों के अनुसार राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रकरण में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, आमजन को न्याय दिलाना और पात्र व्यक्तियों तक सरकारी सेवाओं का लाभ पहुंचाना है। शिकायत रखने का सभी को अधिकार है, लेकिन कानून-व्यवस्था को चुनौती देने अथवा सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर हमला करने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती।फोटो कैप्शन: अस्पताल पहुंचकर घायल पुलिसकर्मी का हाल जानते जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला।



