
जितिया पर्व पर राम जानकी मंदिर में माताओं ने पुत्र की लंबी उम्र के लिए की पूजा
सैदपुर।ग्राम फुलवारी कला स्थित प्राचीन राम जानकी मंदिर परिसर में शुक्रवार को जितिया (जीवित्पुत्रिका) पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया।इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने व्रत रखकर भगवान की पूजा-अर्चना की और अपने पुत्रों की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य तथा सुख-समृद्धि की कामना की।जितिया पर्व को लेकर सुबह से ही गांव की महिलाओं में उत्साह देखने को मिला।व्रती महिलाओं ने स्नान आदि के बाद विधि-विधान से पूजा की और जितिया माता की कथा सुनी।राम जानकी मंदिर परिसर में महिलाओं ने एकत्र होकर पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना की।पूजा के दौरान महिलाओं ने अपने पुत्रों की दीर्घायु और परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।पुत्र की लंबी उम्र के लिए रखा जाता है।निर्जला व्रत
धार्मिक मान्यता के अनुसार जितिया व्रत माताएं अपने पुत्रों की लंबी आयु और उनकी सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखती हैं।कई महिलाएं इस दिन निर्जला व्रत भी रखती हैं।मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक जितिया व्रत करने से संतान की रक्षा और परिवार की मंगलकामना होती है।इसी आस्था के चलते ग्रामीण क्षेत्र में इस पर्व का विशेष महत्व माना जाता है।पूजा के दौरान महिलाओं ने जितिया माता की पूजा कर उन्हें फल-फूल और पारंपरिक पूजन सामग्री अर्पित की।इसके बाद व्रत कथा का श्रवण किया गया।मंदिर परिसर में धार्मिक वातावरण बना रहा और महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर परिवार के लिए मंगलकामना की।परंपरा और आस्था से जुड़ा है।पर्व ग्रामीण महिलाओं के अनुसार जितिया पर्व केवल व्रत और पूजा तक सीमित नहीं है,बल्कि यह माताओं की संतान के प्रति ममता, विश्वास और समर्पण का प्रतीक भी है।पीढ़ियों से चली आ रही इस परंपरा को आज भी गांवों में पूरी श्रद्धा के साथ निभाया जाता है।माताएं अपने पुत्रों की लंबी उम्र और जीवन में आने वाली परेशानियों से रक्षा की कामना करते हुए यह व्रत रखती हैं।राम जानकी मंदिर परिसर में पूजा के दौरान गांव की महिलाओं की भीड़ रही।व्रत रखने वाली महिलाओं ने एक-दूसरे को जितिया पर्व की शुभकामनाएं दीं और परिवार में सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की।



