कब्जा दिलाने पहुंची राजस्व-पुलिस टीम, विवाद के चलते बैरंग लौटी
जखनिया बाजार में मकान की रजिस्ट्री को लेकर लंबे समय से विवाद, दोनों पक्षों ने अधिकारियों के समक्ष रखा अपना पक्ष

कब्जा दिलाने पहुंची राजस्व-पुलिस टीम, विवाद के चलते बैरंग लौटी
जखनिया बाजार में मकान की रजिस्ट्री को लेकर लंबे समय से विवाद, दोनों पक्षों ने अधिकारियों के समक्ष रखा अपना पक्ष
जखनिया, गाजीपुर। तहसील जखनिया क्षेत्र के जखनिया बाजार में जमीन और मकान की रजिस्ट्री को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद ने बुधवार को उस समय नया मोड़ ले लिया, जब राजस्व एवं पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर कब्जा दिलाने पहुंची। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने और विवाद की स्थिति बनने की आशंका को देखते हुए टीम बिना कब्जा दिलाए ही वापस लौट गई। अधिकारियों ने दोनों पक्षों को शांति व्यवस्था बनाए रखने की हिदायत दी।बताया जाता है कि वर्ष 2025 में विक्रेता गौरव सिंह की ओर से जखनिया बाजार निवासी मनोरमा देवी के पक्ष में करीब 9.16 डिसमिल मकान/भूमि की रजिस्ट्री की गई थी। इसी संपत्ति को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। बुधवार को उच्चाधिकारियों के निर्देश पर राजस्व प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची थी।मौके पर दोनों पक्षों ने अधिकारियों के समक्ष अपना–अपना पक्ष रखा। विक्रेता पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया कि संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन है और ऐसी स्थिति में बिना लिखित न्यायालयीय आदेश के कब्जा दिलाने की कार्रवाई की जा रही है। वहीं मनोरमा देवी पक्ष का कहना है कि उन्होंने संपत्ति की पूरी कीमत अदा की है और विधिवत रजिस्ट्री उनके पक्ष में हुई है। ऐसे में उक्त मकान पर उनका अधिकार है।मौके पर कार्रवाई के संबंध में अधिकारियों से जानकारी लेने पर बताया गया कि उनके पास कोई लिखित आदेश नहीं है, बल्कि उच्चाधिकारियों की ओर से मौखिक निर्देश प्राप्त हुए थे। इसी के आधार पर राजस्व और पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी।हालांकि दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से विवाद की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका को देखते हुए प्रशासनिक टीम ने तत्काल कब्जा दिलाने की कार्रवाई रोक दी और मौके से लौट गई। अधिकारियों ने दोनों पक्षों को शांति बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न करने की हिदायत दी।
जोर-जबरदस्ती की गई तो आत्मदाह की चेतावनी
विक्रेता गौरव सिंह और उनके भाई ने मीडिया के समक्ष बयान देते हुए कहा कि यदि उनके साथ किसी प्रकार की जोर-जबरदस्ती की गई तो वे आत्मदाह करने के लिए बाध्य होंगे। इस बयान के बाद मामला प्रशासन के लिए और संवेदनशील हो गया है।
गुरुवार को मौके पर पहुंचकर जांच करेंगे अधिकारी
इस संबंध में जखनिया के उपजिलाधिकारी से बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि बुधवार को प्रशासनिक व्यवस्था के तहत टीम मौके पर गई थी, लेकिन वह स्वयं वहां उपस्थित नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि गुरुवार सुबह वह स्वयं मौके पर पहुंचकर पूरे प्रकरण की जानकारी लेंगे और मामले की वास्तविक स्थिति देखने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल संपत्ति पर कब्जे को लेकर दोनों पक्ष अपने-अपने दावे कर रहे हैं। एक पक्ष जहां मामला न्यायालय में विचाराधीन होने की बात कह रहा है, वहीं दूसरा पक्ष रजिस्ट्री और पूरी कीमत अदा किए जाने के आधार पर मकान पर अपना अधिकार बता रहा है। गुरुवार को अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर मामले की जांच करेंगे, जिसके बाद प्रशासन की आगे की कार्रवाई स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया है।



