
गिले-शिकवे भुलाकर फिर एक-दूजे ,के हुए तीन दंपतीपरिवार परामर्श केंद्र ने मध्यस्थता से सुलझाए वैवाहिक विवाद, 32 प्रकरणों की हुई सुनवाई
गाजीपुर। पति-पत्नी के बीच आपसी मतभेद के चलते अलग रह रहे तीन दंपतियों के बीच महिला सहायता प्रकोष्ठ/परिवार परामर्श केंद्र ने मध्यस्थता कराकर समझौता कराया। दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर उनकी समस्याएं सुनी गईं और आपसी बातचीत के माध्यम से विवाद का समाधान कराया गया। इसके बाद तीनों दंपतियों ने पुराने गिले-शिकवे भुलाकर राजी-खुशी साथ रहने की सहमति जताई, जिसके बाद उनकी सकुशल विदाई कराई गई।पुलिस अधीक्षक गाजीपुर के निर्देशन में रविवार को महिला सहायता प्रकोष्ठ/परिवार परामर्श केंद्र में पति-पत्नी के विवाद से संबंधित 32 प्रकरणों की सुनवाई हुई। इनमें लंबे समय से विवादित चल रहे तीन मामलों में दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता कराकर बिना किसी दबाव के आपसी सहमति से समझौता कराया गया।इसके अलावा छह प्रकरणों में स्थिति सामान्य पाए जाने पर पत्रावली बंद कर दी गई। वहीं नौ प्रकरणों में विधिक सुझाव देने के बाद पत्रावली का निस्तारण किया गया। छह प्रकरणों में दोनों पक्षों के उपस्थित नहीं होने के कारण पत्रावली बंद कर दी गई। शेष मामलों में मध्यस्थता की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण अगली तिथि निर्धारित की गई है।परिवार परामर्श केंद्र की पहल से विवाद के कारण अलग रह रहे दंपतियों को आपसी संवाद के जरिए रिश्तों को सुधारने का अवसर मिला। केंद्र के सदस्यों ने दोनों पक्षों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए समझाइश और मध्यस्थता के माध्यम से समाधान का प्रयास किया।इस दौरान काउंसलर विक्रमादित्य मिश्रा, वीरेंद्र नाथ राम, कमरुद्दीन, महिला प्रकोष्ठ प्रभारी उपनिरीक्षक नीतू मिश्रा, महिला आरक्षी सोनाली, सविता, संध्या, अभिलाषा तथा आरक्षी शिव शंकर यादव सहित अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।अगर इसे और ज्यादा आकर्षक दो कॉलम की अखबारी खबर के रूप में चाहिए तो मैं उसी हिसाब से हेडिंग और इंट्रो भी बना सकता हूं।



