खीरों, रायबरेली: बारह रबीउल अव्वल के मुबारक मौके पर कस्बा खीरों में जुलूस-ए-ईद मिलादुन्नबी बड़ी शानो-शौकत और अकीदत के साथ निकाला गया।

खीरों, रायबरेली। बारह रबीउल अव्वल के मुबारक मौके पर कस्बा खीरों में जुलूस-ए-ईद मिलादुन्नबी बड़ी शानो-शौकत और अकीदत के साथ निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और पूरे इलाके में धार्मिक उत्साह का माहौल नजर आया।
एस,के, कुशवाहा संवाददाता इन्डिया नाऊ 24 रायबरेली!
जुलूस निर्धारित स्थान से शुरू होकर कस्बे के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरा। रास्ते भर लोगों ने जुलूस का स्वागत किया। जुलूस में शामिल लोगों ने नात-ए-पाक पढ़ते हुए और सरकार-ए-दो आलम हज़रत मुहम्मद मुस्तफा की आमद की खुशी का इज़हार करते हुए आगे बढ़ते रहे। जगह-जगह लोगों की ओर से जुलूस में शामिल अकीदतमंदों के लिए पानी और अन्य व्यवस्थाएं भी की गईं।
जुलूस में बच्चे, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए। हाथों में इस्लामी झंडे और धार्मिक संदेशों वाली तख्तियां लिए लोग नजर आए। नातख्वानों ने अपनी पुरअसर आवाज में नात-ए-पाक पेश की, जिससे पूरा माहौल रूहानी और खुशनुमा हो गया।
आयोजकों ने बताया कि बारह रबीउल अव्वल का यह दिन मुसलमानों के लिए बेहद मुबारक और अहम है। इसी खुशी में हर वर्ष की तरह इस बार भी जुलूस का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान लोगों से आपसी भाईचारा, अमन, मोहब्बत और इंसानियत का पैगाम आम करने की अपील की गई।
जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी स्थानीय प्रशासन और पुलिस की ओर से इंतजाम किए गए। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी तैनात रहे, ताकि जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से अपने निर्धारित मार्ग से गुजर सके।
जुलूस में शामिल अकीदतमंदों ने सरकार-ए-मदीना की सीरत और उनके बताए हुए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। लोगों ने कहा कि बारह रबीउल अव्वल का अवसर हमें मोहब्बत, भाईचारे, सब्र, इंसाफ और इंसानियत का संदेश देता है।
कस्बे में जुलूस के दौरान जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा और स्वागत कर अपनी खुशी का इज़हार किया। जुलूस अपने निर्धारित मार्ग से गुजरते हुए कार्यक्रम स्थल पर पहुंचा, जहां दुआ और सलाम के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
खीरों में निकाला गया बारह रबीउल अव्वल का यह जुलूस धार्मिक सौहार्द, आपसी भाईचारे और मोहब्बत का पैगाम देता नजर आया।



