गोरखपुर : मुकदमा दर्ज होने के बाद भी दबंगों का तांडव, घर में तोड़फोड़

मुकदमा दर्ज होने के बाद भी दबंगों का तांडव, घर में तोड़फोड़
पीड़िता ने प्रेस वार्ता में सुनाई आपबीती, जान-माल की सुरक्षा की लगाई गुहार
गोरखपुर। खोराबार थाना क्षेत्र के रायगंज बाजार की रहने वाली कु. सोनम पुत्री राजमन ने गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब सभागार में प्रेस वार्ता कर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि मुकदमा पंजीकृत होने के बावजूद भी विपक्षी दबंगों द्वारा लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है और उनके घर में तोड़फोड़ कर दहशत फैलाने की कोशिश की गई।
प्रार्थिनी ने बताया कि दिनांक 23 जुलाई 2026 को उनके सगे चाचा द्वारा अभियुक्तगणों के खिलाफ थाना खोराबार में मु.अ.सं. 0031/2026 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसी दौरान जब उनके माता-पिता बीच-बचाव करने पहुंचे तो आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। हमले में उनके पिता का पैर तोड़ दिया गया, जबकि माता को बुरी तरह मारपीट कर घायल कर दिया गया। इतना ही नहीं, प्रार्थिनी और उसकी दोनों बहनों के साथ अभद्रता करते हुए उनके कपड़े फाड़ दिए गए और मारपीट की गई। घटना की सूचना 112 नंबर पर देने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और 102 एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को एम्स कुड़ाघाट में भर्ती कराया गया।
उन्होंने आगे बताया कि इलाज के बाद जब 27 जुलाई 2026 की सुबह करीब 10:30 बजे वे अपने चाचा रणजीत के साथ घर लौटीं, तो देखा कि उपजिलाधिकारी के आदेश पर 10 जुलाई 2026 को राजस्व टीम द्वारा कराया गया जमीन का सीमांकन विपक्षियों ने उखाड़कर फेंक दिया है। साथ ही उनकी दीवार और टीनशेड को गिराकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि विपक्षीगण लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं, जिससे पूरे परिवार में भय का माहौल है। उन्होंने आशंका जताई कि आरोपी कभी भी कोई बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं और उनकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रेस वार्ता के माध्यम से कु. सोनम ने प्रशासन से मांग की है कि राजस्व टीम द्वारा किए गए सीमांकन को पुनः स्थापित कराया जाए तथा पुलिस और राजस्व विभाग की मौजूदगी में उखाड़े गए पत्थरों को दोबारा लगवाया जाए। साथ ही आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहे।
कुमारी सोनम ने प्रशासन से अपील की कि थानाध्यक्ष खोराबार को निर्देशित कर आरोपियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कठोर कार्रवाई की जाए और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।



