गाजीपुर : श्रमिकों के हित सर्वोपरि, बाल श्रम के खिलाफ चलेगा विशेष अभियान: डीएम अनुपम शुक्ला

श्रमिकों के हित सर्वोपरि, बाल श्रम के खिलाफ चलेगा विशेष अभियान: डीएम अनुपम शुक्ला
गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित रायफल क्लब सभागार में जिला श्रम बंधु, जनपद स्तरीय बाल श्रम उन्मूलन समिति एवं बाल एवं बंधुआ श्रमिकों के रेस्क्यू, पुनर्वास व अनुश्रवण के लिए गठित जिला टास्क फोर्स (डीटीएफ) की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में श्रमिकों के हितों की सुरक्षा, श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा बाल श्रम उन्मूलन की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत श्रमिक पंजीकरण, अधिष्ठानों के पंजीयन, उपकर वसूली तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई। सहायक श्रम आयुक्त ने बताया कि जनपद में अब तक 2,08,878 निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण किया जा चुका है। श्रमिकों को योजनाओं की जानकारी देने के लिए 72 विशेष शिविर आयोजित किए गए हैं तथा विभिन्न विकास खंडों में जनजागरूकता के लिए वॉल पेंटिंग भी कराई गई है।जिलाधिकारी ने मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना, कन्या विवाह सहायता योजना, संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना, निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना तथा अटल आवासीय विद्यालय योजना सहित विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं की समीक्षा करते हुए पात्र श्रमिकों को समयबद्ध रूप से लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।उन्होंने सभी निर्माण कार्यदायी संस्थाओं, विभागों एवं स्थानीय निकायों को निर्देशित किया कि अपने सभी निर्माण कार्यों का अधिष्ठान पंजीयन अनिवार्य रूप से कराएं तथा नियमानुसार उपकर की धनराशि समय पर जमा करें। साथ ही निर्माण स्थलों पर कार्यरत सभी पात्र श्रमिकों का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा।बाल श्रम उन्मूलन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि बाल श्रमिकों की पहचान, रेस्क्यू, पुनर्वास और विद्यालयों में प्रवेश की कार्रवाई विभागीय समन्वय के साथ प्रभावी ढंग से की जाए। उन्होंने कहा कि गाजीपुर को बाल श्रम मुक्त जनपद बनाने के लिए सभी विभाग अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें तथा नियमित निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान चलाएं।बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण, योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा पात्र लाभार्थियों तक शासन की योजनाओं का लाभ समयबद्ध ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए।बैठक में समस्त खंड विकास अधिकारी, उप निबंधक (स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन), विभिन्न निर्माण कार्यदायी संस्थाओं एवं विभागों के प्रतिनिधि, नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी तथा श्रम विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।



