लखनऊ एबीवीएमयू का दीक्षांत समारोह, छात्र-छात्राओं को मिली डिग्री; मेडल पाकर खिले मेधावियों के चेहरे

लखनऊ एबीवीएमयू का दीक्षांत समारोह, छात्र-छात्राओं को मिली डिग्री; मेडल पाकर खिले मेधावियों के चेहरे
राजधानी में एबीवीएमयू के दीक्षांत समारोह में छात्र-छात्राओं को डिग्री मिली, तो वहीं मेडल पाकर मेधावियों के चेहरे खिल उठे।
राजधानी लखनऊ स्थित अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय (अटल यूनिवर्सिटी) का दूसरा दीक्षांत समारोह बुधवार को आयोजित हुआ। समारोह में विभिन्न मेडिकल, पैरामेडिकल और संबद्ध स्वास्थ्य पाठ्यक्रमों के सफल विद्यार्थियों को डिग्री और मेधावी छात्रों को मेडल प्रदान देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह समेत अन्य लोग शामिल हुए।
दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को चिकित्सा सेवा के प्रति समर्पण, नैतिक मूल्यों और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की शपथ भी दिलाई गई। इस मौके पर कुलपति डॉक्टर अमित देवगन ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी (एबीवीएमयू) अब केवल मेडिकल, नर्सिंग और पैरामेडिकल संस्थानों को संबद्धता देने तक सीमित नहीं रहेगी। विश्वविद्यालय जल्द ही अपना मेडिकल कॉलेज स्थापित करेगा। जहां एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू होगी। साथ ही मरीजों को किफायती दर पर उच्च स्तरीय इलाज की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज में प्रारंभिक चरण में एमबीबीएस की 100 सीटें होंगी। विश्वविद्यालय की ओर से इस संबंध में प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। जल्द ही इसे मंजूरी मिलने की उम्मीद है। मेडिकल कॉलेज शुरू होने से प्रदेश में योग्य डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी और चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा मिलेगी। मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ बीएससी नर्सिंग और विभिन्न पैरामेडिकल पाठ्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। इससे विश्वविद्यालय को प्रशिक्षित मानव संसाधन (मैन पावर) तैयार करने में मदद मिलेगी। छात्रों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के बीच व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त होगा।
कुलपति ने आगे कहा कि विश्वविद्यालय का मकसद गुणवत्ता पूर्ण चिकित्सा शिक्षा के साथ बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। मेडिकल कॉलेज शुरू होने से एक ओर जहां विद्यार्थियों को अत्याधुनिक शैक्षणिक वातावरण मिलेगा। वहीं दूसरी ओर आम मरीजों को भी कम खर्च में विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। एबीवीएमयू को एक समग्र चिकित्सा शिक्षण एवं इलाज संस्थान के रूप में स्थापित करेगी।



