गाजीपुर : स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर: मनिहारी कार्यशाला में डीएम ने बैंकर्स को दी सख्त चेतावनी

स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर: मनिहारी कार्यशाला में डीएम ने बैंकर्स को दी सख्त चेतावनी
“ऋण प्रकरणों में लापरवाही अक्षम्य”, महिलाओं की आर्थिक मजबूती के लिए योजनाओं का समयबद्ध लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश

गाजीपुर। विकास खण्ड मनिहारी में मंगलवार को स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के आजीविका संवर्धन, स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर एक व्यापक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता तथा मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने समूह की महिलाओं को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला में ग्रामीण आजीविका मिशन, बैंकिंग, कृषि, पशुपालन, उद्यान, मत्स्य, उद्योग समेत कई विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। महिलाओं को डेयरी, बकरी पालन, मशरूम उत्पादन, सिलाई-कढ़ाई, खाद्य प्रसंस्करण, लघु उद्योग और अन्य आयवर्धक गतिविधियों से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही मुद्रा योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, बैंक लिंकेज, सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) और रिवॉल्विंग फंड जैसी योजनाओं की जानकारी देकर समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुके हैं और महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप पात्र समूहों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।
डीएम ने उपस्थित बैंक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़े ऋण प्रकरणों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण कर समूहों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ऋण स्वीकृति में लापरवाही अक्षम्य मानी जाएगी।
मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने कहा कि समूह आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीण महिलाओं की आय में लगातार वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र समूहों तक योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर पहुंचाया जाए तथा प्रशिक्षण, विपणन और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएं। उन्होंने समूह सखियों और अन्य कैडरों से अपील की कि कार्यशाला में प्राप्त जानकारी को गांव-गांव तक पहुंचाकर अधिक से अधिक महिलाओं को लाभान्वित करें।
कार्यशाला के दौरान स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने अपनी विभिन्न समस्याएं और सुझाव भी अधिकारियों के समक्ष रखे, जिनके त्वरित समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए। इससे महिलाओं में योजनाओं के प्रति उत्साह और विश्वास देखने को मिला।
इस अवसर पर विकास खण्ड परिसर में “प्रेरणा कैंटीन” का भी शुभारंभ जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी द्वारा फीता काटकर किया गया। इस कैंटीन का संचालन स्वयं सहायता समूह की महिलाएं करेंगी, जिससे उन्हें स्थायी आय का एक नया स्रोत उपलब्ध होगा। डीएम ने कैंटीन का निरीक्षण कर महिलाओं के प्रयासों की सराहना की और इसे आत्मनिर्भरता की दिशा में सराहनीय पहल बताया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, उपायुक्त स्वतः रोजगार, उप कृषि निदेशक, अग्रणी जिला प्रबंधक, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। अंत में समूह सदस्यों ने शासन की योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में विकासखंड मनिहारी के खंड विकास अधिकारी राकेश कुमार, एडियो पंचायत सुनील कुमार सिंह, भूपेंद्र सिंह ऐडियो ग्राम विकास मनिहारी, ऐडियो ऐजी मिथिलेश कुमार, राजदीप सिंह सीएम युवा फैलो डीआई सी गाज़ीपुर, सीडीपीओ मनिहारी कंचन यादव , खंड शिक्षा अधिकारी हेमंत कुमार , गोविंद सिंह सप्लाई इंस्पेक्टर जखनिया, विकासखंड मनिहारी के सचिवों सहित , राकेश सिंह अंशु ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष व ग्राम प्रधान तथा जेपी यादव सफाई कर्मचारी संघ जिला अध्यक्ष गाज़ीपुर, उपेंद्र यादव सफाई कर्मचारी संघ ब्लॉक अध्यक्ष मनिहारी, कर्मचारी गण उपस्थित रहे l



