जखनियां (गाजीपुर) : महायज्ञ-2026 अभियान के तहत इन्फोटेक कंप्यूटर को मिले 100 पौधे, जखनिया में चला व्यापक पौधरोपण अभियान

महायज्ञ-2026 अभियान के तहत इन्फोटेक कंप्यूटर को मिले 100 पौधे, जखनिया में चला व्यापक पौधरोपण अभियान

जखनियां (गाजीपुर)। पर्यावरण, वन एवं जलवायु विभाग द्वारा संचालित “महायज्ञ-2026” अभियान के अंतर्गत जनपद गाजीपुर के तहसील जखनियां क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल देखने को मिली। अभियान के तहत इन्फोटेक कंप्यूटर, जखनियां को विभिन्न प्रजातियों के 100 पौधे उपलब्ध कराए गए, जिनका शनिवार को जखनियां बाजार सहित विभिन्न स्थानों पर रोपण किया गया।इस अवसर पर इन्फोटेक कंप्यूटर के संचालक राजनारायण के नेतृत्व में उनकी टीम ने शिव मंदिर परिसर, सार्वजनिक स्थलों तथा क्षेत्र के अन्य उपयुक्त स्थानों पर आम, अमरूद, अर्जुन, कचनार एवं अन्य छायादार एवं फलदार पौधों का रोपण किया। पौधरोपण के दौरान पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली बढ़ाने का संदेश भी लोगों को दिया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संचालक राजनारायण ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा चलाया जा रहा महायज्ञ-2026 अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत उन्हें 100 पौधे प्राप्त हुए हैं, जिन्हें जखनियां क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण, शुद्ध जलवायु और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अधिक से अधिक वृक्ष लगाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्रत्येक व्यक्ति को पौधरोपण के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल का भी संकल्प लेना चाहिए।उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे अपने घरों, विद्यालयों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण के इस जनअभियान का हिस्सा बनें। उनका कहना था कि यदि प्रत्येक नागरिक वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे, तो हरित प्रदेश और स्वच्छ भारत का सपना साकार हो सकता है।पौधरोपण कार्यक्रम में विशाल, आदर्श शर्मा, विनय, सुनील, आकाश, सचिन कुमार, मयंक चौहान सहित इन्फोटेक कंप्यूटर के अनेक सहयोगियों एवं क्षेत्र के युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने पौधों की सुरक्षा एवं नियमित देखभाल का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया और ऐसे अभियानों को निरंतर जारी रखने की आवश्यकता पर बल दिया।



