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विवेक होटल के सभागार में डिस्काउंट ग्रुप आफ पब्लिकेशन सहयोगी प्लाक्षा प्रकाशन के तत्त्वावधान में शहरनामा गोरखपुर के सम्पादक डा.वेदप्रकाश पाण्डेय,

विवेक होटल के सभागार में डिस्काउंट ग्रुप आफ पब्लिकेशन सहयोगी प्लाक्षा प्रकाशन के तत्त्वावधान में शहरनामा गोरखपुर के सम्पादक डा.वेदप्रकाश पाण्डेय,

कुलपति प्रोफेसर पूनम टण्डन, विधान परिषद, सदस्य डा.धर्मेन्द्र सिंह ,,उत्तर प्रदेश व्यापारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष पुष्पदन्त जैन औरसेण्ट जोसेफ कालेज फार विमन के प्राचार्य डा.रोजर आगस्टीन के हाथों लेखकों का सम्मान एवं केटलाग विमोचन सम्पन्न हुआ। इसमें डिस्काउंट ग्रुप आफ पब्लिकेशन से प्रकाशित 200 कृतियों के लगभग सत्तर लेखकों कों सम्मानित किया गया।
समारोह का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पार्पण से हुआ। अतिथियों का स्वागत पब्लिकेशन के व्यवस्थापक सौरभ कुमार सिंह ने किया।

इस अवसर पर अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डा.वेदप्रकाश पाण्डेय ने कहा कि साहित्य की दृष्टि से पूर्वांचल अत्यन्त समृद्ध रहा है।यहां के लेखकों को अपनी कृतियों के प्रकाशन हेतु अन्यत्र भाग -दौड करनी पडती थी।इधर के दो तीन वर्षों में इस प्रकाशन संस्थान ने लगभग दो सौ पुस्तकों का प्रकाशन कर लेखकों के समय और मूल्य की बचत की है।इसके लिए एक युवा प्रकाशक सौरभ कुमार सिंह धन्यवाद के पात्र हैं।

मुख्य अतिथि कुलपति प्रोफेसर पूनम टण्डन ने कहा कि आज अपने लेखकों का सम्मान करके इस प्रकाशन ने पूर्वांचल के लेखकों में नयी ऊर्जा का संचार किया है।साहित्यिक और शैक्षिक वातावरण के उन्नयन के लिए यह आयोजन अत्यन्त प्रेरक और प्रासंगिक है।

डा.धर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि गोरखपुर में प्रकाशन के क्षेत्र में सौरभ कुमार सिंह के सतत सार्थक और सफल प्रयास से लेखकों को उचित मंच मिल गया है।स्थानीय और स्थायी प्रकाशन के अभाव को दूरकर इस संस्थान ने अत्यन्त मूल्यवान कार्य किया है।

डा.फूलचन्द प्रसाद गुप्त ने कहा कि गोरखपुर में इस तरह का आयोजन किसी प्रकाशन संस्थान द्वारा पहली बार किया गया है। पूर्वांचल में लेखकों और साहित्यकारों को इस संस्थान से सम्बल प्राप्त हुआ है।अल्प अवधि में इस संस्थान ने प्रकाशन के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

डा.रोजर आगस्टीन ने कहा कि किसी भी साहित्यकार की कृतियों का प्रकाशन उसके सपनों के साकार होने जैसा है।इस प्रकाशन ने उचित मंच और सम्मान देकर उनका पथ प्रशस्त किया है।

इस अवसर पर डा.राजीव मिश्र की दो पुस्तकों ‘ दक्षिण भारत की अविस्मरणीय यात्रा’ और मैं और सागर का ,मुकेश कुमार सिंह की पुस्तक पद्य स्तुति भारतीय प्रज्ञा परम्परा काविमोचन भी अतिथियों द्वारा किया गया।

आभार ज्ञापन प्रकाशन के संरक्षक श्री प्रकाश सिंह अनिल और संचालन डा.फूलचन्द प्रसाद गुप्त ने किया।

इस अवसर पर डा.यशवन्त सिंह राठौर, ,डा.चमन राय,प्रशान्त पाठक, नवोदित त्रिपाठी,मानवेन्द्र त्रिपाठी,अनुराग सुमन, प्लाक्षा सिंह,उज्ज्वल सिंह, डा.सुधीर कुमार राय,इं.प्रवीण सिंह सहित पूर्वांचल के लेखक और साहित्यकार उपस्थित रहे।

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