गोरखपुर नगर निगम ने नामांतरण में जुर्माना खत्म किया !! अब 55 लाख से बढ़कर 70 लाख हुई पार्षद निधि !! जोन-4 में बनेगा नया कार्यालय

गोरखपुर नगर निगम ने नामांतरण में जुर्माना खत्म किया !! अब 55 लाख से बढ़कर 70 लाख हुई पार्षद निधि !! जोन-4 में बनेगा नया कार्यालय
गोरखपुर नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक में जनता को बड़ी राहत देने वाले कई अहम फैसले लिए गए। मंगलवार को सिविल लाइंस स्थित जोनल कार्यालय में हुई इस बैठक की अध्यक्षता महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने की।
सबसे बड़ा फैसला यह लिया गया कि अब खाली जमीन के नामांतरण में देरी होने पर लगने वाला 10% वार्षिक जुर्माना पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। पहले यदि कोई व्यक्ति जमीन खरीदने के बाद लंबे समय तक उस पर निर्माण नहीं कराता था, तो टैक्स निर्धारण के समय उसे जुर्माना देना पड़ता था।इसके साथ ही नामांतरण शुल्क के अलावा हर महीने 100 रुपये तक का विलंब शुल्क भी देना होता था।
बैठक में शहर के विकास और आम लोगों की सुविधाओं से जुड़े प्रस्तावों पर सहमति बनी
पार्षदों की वरीयता निधि 70 लाख तक बढ़ा दी गई
पार्षदों की वरीयता निधि 70 लाख तक बढ़ा दी गई
अब इस नियम को समाप्त कर दिया गया है। नए फैसले के तहत लोगों को केवल रजिस्ट्री के आधार पर तय नामांतरण शुल्क ही देना होगा। इससे उन हजारों लोगों को राहत मिलेगी जिन्होंने जमीन तो खरीद ली थी, लेकिन किसी कारणवश निर्माण नहीं करा पाए थे। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए एक कमेटी भी बनाई गई है।शहर के विकास को गति देने के लिए पार्षदों की वरीयता निधि बढ़ा दी गई है। अब हर पार्षद अपने वार्ड में विकास कार्यों के लिए 70 लाख रुपये तक खर्च कर सकेगा।
निगम ने पार्षदों से कहा है कि वे जल्द ही 35-35 लाख रुपये के प्रस्ताव तैयार करके दें, ताकि विकास कार्य समय पर शुरू हो सकें।भीषण गर्मी को देखते हुए नगर निगम ने शहर के 50 भीड़भाड़ वाले स्थानों पर प्याऊ लगाने का निर्णय लिया है। इससे राहगीरों, मजदूरों और आम लोगों को गर्मी में राहत मिलेगी और उन्हें पानी के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा।
नगर निगम ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए शवदाह वाहन शुरू करने का फैसला भी लिया है।
आम लोगों को इस वाहन के उपयोग के लिए 500 रुपये देने होंगे
लावारिस शवों के लिए यह सेवा पूरी तरह मुफ्त रहेगी
इससे जरूरतमंद परिवारों को कठिन समय में बड़ी मदद मिलेगी।
पुराने जोनल कार्यालय की जगह बनेगा नया भवन
बैठक में शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस नगर में स्थित जर्जर जोनल कार्यालय को तोड़कर वहां एक नया और आधुनिक भवन बनाया जाएगा। इससे कर्मचारियों के काम करने की व्यवस्था बेहतर होगी और जनता को भी सुविधाएं आसानी से मिलेंगी।



